गाजियाबाद में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान करीब 30 लाख रुपये मूल्य की 44 टन सरिया (लोहे की छड़ें) बरामद की गई है। यह कार्रवाई जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक गोदाम पर छापेमारी क...
गाजियाबाद में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान करीब 30 लाख रुपये मूल्य की 44 टन सरिया (लोहे की छड़ें) बरामद की गई है। यह कार्रवाई जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक गोदाम पर छापेमारी के दौरान की गई, जहां बिना वैध दस्तावेजों और बिल के भारी मात्रा में सरिया का अवैध भंडारण किया गया था। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कुछ व्यापारी चोरी या बिना टैक्स चुकाए निर्माण सामग्री का अवैध कारोबार कर रहे हैं। इसी आधार पर टीम ने छापा मारा और मौके से बड़ी मात्रा में सरिया बरामद की।
जांच के दौरान गोदाम संचालक वैध खरीद-फरोख्त से संबंधित बिल, ई-वे बिल और जीएसटी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सरिया या तो चोरी की हो सकती है या फिर कर चोरी कर बाजार में बेची जा रही थी। प्रशासन ने पूरी खेप को जब्त कर लिया है और गोदाम को सील कर दिया गया है। इस मामले में संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि निर्माण सामग्री के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिले में लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस तरह का अवैध कारोबार सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने के साथ-साथ बाजार व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। बिना टैक्स और गुणवत्ता प्रमाणन के बेची जाने वाली सरिया से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी खतरा रहता है, जिससे भवन सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि वे सभी खरीद-फरोख्त वैध दस्तावेजों और कर नियमों के अनुसार ही करें।
पुलिस और वाणिज्य कर विभाग की इस कार्रवाई को जिले में अवैध निर्माण सामग्री कारोबार पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी संगठित गिरोह या बड़े नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है तो आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों और कारोबारियों से अपील की है कि अवैध भंडारण या कर चोरी से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि ऐसे मामलों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।