कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर ‘अपनी जनता पार्टी’ ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति को संबो...
कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर ‘अपनी जनता पार्टी’ ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कौशाम्बी के माध्यम से सौंपा।
🔹 कानून-व्यवस्था पर सवाल
पार्टी के ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और राज्य “गुंडों, माफियाओं और अपराधियों का चारागाह” बन चुका है। पार्टी ने दावा किया कि अपहरण, दहेज हत्या, महिला उत्पीड़न और दलितों-पिछड़ों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
🔹 जघन्य घटनाओं का उल्लेख
ज्ञापन में कई गंभीर घटनाओं का हवाला दिया गया है
दलितों को मंदिर में प्रवेश से रोकने के लिए उन पर मल-मूत्र डालने,
पेशाब पीने पर मजबूर करने,
भागवत कथावाचकों का अपमान करने,
ब्राह्मणों से जबरन पैर धुलवाने जैसी घटनाओं को अमानवीय बताया गया है।
पार्टी ने कहा कि ऐसी घटनाएं उत्तर प्रदेश में आम होती जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल है।
🔹 सरकारी संरक्षण का आरोप
ज्ञापन में सत्ताधारी दल पर आरोप लगाया गया है कि अपराधियों को जेल भेजने के बजाय उन्हें “सरकारी संरक्षण” दिया जा रहा है। पार्टी ने इसे “राज्य में जंगलराज की स्थिति” बताते हुए कहा कि प्रशासन अपराधियों के बजाय पीड़ितों को निशाना बना रहा है।
🔹 न्यायपालिका पर हमले को बताया लोकतंत्र पर खतरा
पार्टी ने न्यायपालिका पर हो रहे हमलों को भी गंभीर बताते हुए कहा कि “मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने” और “सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों को मंदिर जाने से रोकने” जैसी घटनाएं संविधान और लोकतंत्र पर सीधा प्रहार हैं।
🔹 राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
‘अपनी जनता पार्टी’ ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि संविधान-विरोधी तत्वों और लोकतंत्र के हत्यारों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने कहा कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी कई मामलों में कार्रवाई नहीं हुई है, जो सरकार की मिलीभगत को दर्शाता है।