**कौशांबी।** संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण पेश करते हुए **जिलाधिकारी कौशांबी मधुशूदन हुल्गी** ने सोमवार को एक सराहनीय पहल की। निरीक्षण के दौरान जब वे पाता क्षेत्र से गुजर रहे थे, त...
**कौशांबी।** संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण पेश करते हुए **जिलाधिकारी कौशांबी मधुशूदन हुल्गी** ने सोमवार को एक सराहनीय पहल की। निरीक्षण के दौरान जब वे पाता क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी उनकी नज़र सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बनाती कुछ नाबालिग बच्चियों पर पड़ी।
जिलाधिकारी ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और बच्चियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चियों से पढ़ाई के बारे में पूछा और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने बच्चियों को प्रेरित किया कि वे नियमित रूप से विद्यालय जाएं और पढ़-लिखकर अपना भविष्य संवारें।
जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बच्चियों का नामांकन **कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय** या **राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय, भरसवा** में कराया जाए ताकि वे शिक्षा से जुड़ सकें और बेहतर जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें।