कौशांबी: कौशांबी में 10 किसानों पर बकाया, 40 हजार से ज्यादा किसानों की मौत, बीना एस.एम.एस. चलने वाली 03 कम्बाइन हार्वेस्टर सीज,उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पराली के खेतों में पर्यावरण को बचाने के ...
कौशांबी: कौशांबी में 10 किसानों पर बकाया, 40 हजार से ज्यादा किसानों की मौत, बीना एस.एम.एस. चलने वाली 03 कम्बाइन हार्वेस्टर सीज,
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पराली के खेतों में पर्यावरण को बचाने के लिए शासन के निर्देश उप कृषि निदेशक सतेंद्र कुमार तिवारी ने जिले के संपूर्ण किसानों को सूचित किया है कि पराली कदापि न जलाएं, पराली को किसानों में दान दें। यदि कोई किसान पराली जला रहा है तो इसकी सूचना कृषि विभाग/राजस्व विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को दें। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील निवास पर ली गई यादों की यादों को सुरक्षित रखें।
जिले के अलग-अलग इलाकों में पराली के सैटेलाइट से मिली रिपोर्ट के मुताबिक 10 किसानों पर 40 हजार की संख्या में किसानों को रखा गया है। कृषि, राजस्व, मस्जिदराज और संग्रहालय आदि विभागों के अधिकारियों के साथ पराली अवशेषों की कहानियों को लेकर गहन समीक्षा की जा रही है। प्रत्येक विकास खण्ड स्तर, तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर पर टीम स्टूडियो की बनी हुई है। पराली के संस्मरणों पर सतत निगरानी रखी जाती है और उपग्रह से भी निगरानी की जा रही है।जिले के सभी कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों को दिए गए निर्देश दिए गए हैं कि मशीन के साथ सुपर स्ट्रैटम किटमेंट सिस्टम (एस.एम.एस.) को ही काटना चाहिए, अन्यथा मशीन सीज कर दी जाएगी और अंतिम रूप भी दिया जाएगा। साथ ही दो लंका से अधिक भूमि वाले किसान के लिए रु0-2500, दो एकड़ से अधिक पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान के लिए रु0-5000, पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले क्रांतिकारी पर रु0-15000 प्रति घटना के मानक तय हो गए हैं। साथ ही यदि कृषक द्वारा पराली जलायी जाती है तो संबंधित कृषकों की ओर से किसान सम्मान निधि रोक दी जायेगी एवं सरकारी केन्द्र पर धान क्रय नहीं किया जायेगा।