कोखराज, कौशाम्बी। कोखराज थाना क्षेत्र के कशिया पश्चिम कंपोजिट विद्यालय में एक अध्यापक पर बच्चों के साथ अश्लीलता करने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोपों की शिकायत मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की ग...
कोखराज, कौशाम्बी। कोखराज थाना क्षेत्र के कशिया पश्चिम कंपोजिट विद्यालय में एक अध्यापक पर बच्चों के साथ अश्लीलता करने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोपों की शिकायत मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) डॉ. प्रज्ञा सिंह तत्काल विद्यालय पहुंचीं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
बच्चों से मिलकर जानी हकीकत
जांच के क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी प्रज्ञा सिंह ने सबसे पहले बच्चों से बिना किसी दबाव के व्यक्तिगत रूप से बात की। उन्होंने बच्चों से उस चर्चित अध्यापक कुलदीप कुमार साहू की कार्यशैली के बारे में पूछा और क्लासरूम में शिक्षा के स्तर का भी जायजा लिया।
बच्चों से बातचीत और लिखित शिकायतों से यह जानकारी सामने आई है कि अध्यापक बच्चों को मारपीट करते थे और डराते थे। BEO ने सभी बच्चों से लिखित शिकायतें लीं, जिससे अध्यापक पर लगे गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई।
हाथापाई की शिकायत भी दर्ज
जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि बच्चों के साथ मारपीट और डरवाने की जानकारी मिलने पर अभिभावकों द्वारा भी अध्यापक के साथ हाथापाई हुई थी। इस घटना को लेकर अध्यापक कुलदीप कुमार साहू ने थाना कोखराज में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
BEO का आश्वासन: लापरवाही पर होगा निलंबन
अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि शिक्षा के इस मंदिर को कलंकित करने वाले अध्यापक को तत्काल निलंबित किया जाए।
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस संबंध में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला बच्चों के साथ मारपीट का है। अगर जांच में अश्लीलता या अन्य गंभीर आरोप सही पाए जाते हैं, तो उच्चाधिकारियों को सूचना देकर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि बच्चों के साथ न्याय होगा और उन्हें बिना डरे अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए।
जांच के दौरान, BEO ने विद्यालय के अन्य सभी अध्यापकों और अध्यापिकाओं को सख्त चेतावनी दी कि वे विद्यालय की गरिमा बनाए रखें और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई थी, जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा यह जांच कराई गई है। मामले को संज्ञान में लेकर कार्यवाही होना निश्चित है।