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तेज बारिश से किसानों के चेहरे खिले, लेकिन गाँव वासियों की बढ़ी परेशानी

प्रकाशित: 26 Aug 2025

तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपनाह में सोमवार की दोपहर लगभग 2 बजे अचानक तेज बारिश हुई। बरसात का यह दौर करीब एक घंटे तक लगातार चलता रहा। झमाझम वर्षा से जहां खेत-खलिहानों में नमी भर गई और किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं दूसरी ओर गांव की गलियां कीचड़ से लबालब भर गईं जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इसे भगवान का आशीर्वाद बताया। गांव के किसान श्यामलाल और रामचंद्र ने बताया कि धान की फसल के लिए समय पर पानी मिलना बेहद ज़रूरी होता है। अभी तक सूखे की वजह से रोपाई का काम अधर में लटका हुआ था, लेकिन सोमवार की इस बारिश ने फसलों को नई जान दे दी है। किसानों का कहना है कि बारिश से न केवल धान बल्कि मिर्च, टमाटर और अन्य सब्ज़ियों की फसल को भी सीधा लाभ मिलेगा। इससे उनकी मेहनत रंग लाएगी और इस साल पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है।

हालांकि जहां किसानों ने राहत की सांस ली, वहीं ग्रामवासियों की मुश्किलें दोगुनी हो गईं। ग्राम रसूलपनाह की गलियां और मुख्य रास्ते बारिश के चलते कीचड़ में तब्दील हो गए। जगह-जगह पानी भर गया जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय निवासी अनिल और फूलचंद ने बताया कि मुख्य रास्ता पूरी तरह से कीचड़ में बदल गया है। पैदल चलना तो कठिन हो ही गया है, साइकिल और मोटरसाइकिल से गुजरना भी लगभग नामुमकिन हो गया है। कई लोग फिसल कर गिर भी गए।

गांव के कई घरों के सामने पानी भरने से हालात और बिगड़ गए। नालियों के जाम होने के कारण बरसात का पानी घरों में घुसने लगा जिससे ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने बताया कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चों को स्कूल भेजना भी चुनौती बन गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या हर साल बरसात के मौसम में सामने आती है। गांव की कच्ची सड़कें और जाम नालियां बारिश के पानी को सही तरह से बाहर नहीं निकाल पातीं। नतीजतन कीचड़, जलभराव और गंदगी से पूरे गांव का माहौल खराब हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।

गांव के बुजुर्गों ने बताया कि अगर समय रहते नालियों की सफाई और सड़कों का पक्का निर्माण हो जाए तो इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। लेकिन बरसात आते ही हर साल की तरह वही हालात दोहराए जाते हैं।

कुल मिलाकर सोमवार की तेज बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई, लेकिन ग्रामवासियों के लिए यह आफत बनकर आई। खेतों में हरियाली लौटने की उम्मीद जगी है, वहीं कीचड़ और जलभराव की समस्या ग्रामीणों के लिए नई चुनौती बन गई है। किसानों की खुशी और ग्रामीणों की परेशानी—दोनों ही इस बारिश के अलग-अलग पहलू को सामने लाते हैं।