फतेहपुर, 26 अगस्त 2025।तहसील फतेहपुर क्षेत्र में मंगलवार को आस्था और श्रद्धा का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। कजरी तीज के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध भगौली तीर्थ की ओर जाते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं की...
फतेहपुर, 26 अगस्त 2025। तहसील फतेहपुर क्षेत्र में मंगलवार को आस्था और श्रद्धा का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। कजरी तीज के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध भगौली तीर्थ की ओर जाते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भगौली रोड पर महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों की टोलियां हाथों में पूजा सामग्री लेकर आगे बढ़ रही थीं।
विशेष रूप से मिर्दहन पुरवा के पास यह भीड़ अधिक दिखाई दी, जहां लोग समूहों में पैदल यात्रा करते हुए भगवान के जयकारे लगाते नजर आए। महिलाएं हाथों में कलश और पूजा की थाल लिए चल रही थीं, वहीं बच्चे और बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बने।
श्रद्धालुओं की मान्यता
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कजरी तीज मेले में भाग लेने जा रहे हैं। उनका विश्वास है कि इस अवसर पर भगौली तीर्थ में पूजा-अर्चना करने से पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यहां पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है।
स्थानीय सहयोग
यात्रा के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी आस्था और सेवा भाव का परिचय दिया। गौतम, निखिल और विमलेश जैसे ग्रामीणों ने बताया कि कजरी तीज पर हर साल भगौली तीर्थ में मेले जैसा माहौल बनता है, जहां दूर-दराज़ के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और शीतल जलपान की व्यवस्था की, ताकि किसी को असुविधा न हो।
सुरक्षा इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी विशेष इंतज़ाम किए। पुलिसकर्मियों की तैनाती कर भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रा को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया। इस दौरान भगौली रोड पर ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति गीतों के स्वर से वातावरण भक्तिमय हो गया।
आस्था का अनूठा संगम
दोपहर तक पूरा मार्ग श्रद्धालुओं की भीड़ से पट गया। जगह-जगह भक्ति गीत, जयकारे और धार्मिक अनुष्ठान का माहौल बन गया। श्रद्धालु नाचते-गाते और गीत गुनगुनाते हुए आगे बढ़ते रहे।
कुल मिलाकर, कजरी तीज के मौके पर भगौली तीर्थ की ओर उमड़ी यह भीड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि ग्रामीण आस्था और श्रद्धा आज भी उतनी ही गहरी और अटूट है। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक महत्व को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल भी प्रस्तुत करता है।