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ईद मिलादुन्नबी पर ग्राम सभा बसारा में सौहार्द और भाईचारे का संदेश

प्रकाशित: 06 Sep 2025

जनपद बाराबंकी, तहसील फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम सभा बसारा में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम सभा के सभी सम्मानित नागरिकों ने एकत्र होकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का परिचय दिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए पूर्व रनर प्रत्याशी सदस्य जिला पंचायत, फतेहपुर चतुर्थ क्षेत्र के युवा नेता दिनेश कुमार गौतम, जिन्होंने ग्रामवासियों से मुलाकात कर उन्हें पर्व की शुभकामनाएँ दीं और सामुदायिक एकता को मज़बूत करने का संदेश दिया।

ग्राम सभा बसारा में सुबह से ही रौनक का माहौल था। बच्चों और युवाओं ने सजावट में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगह-जगह पर धार्मिक झांकियाँ निकाली गईं और नात-शरीफ़ पढ़ी गई। गाँव का वातावरण पूरी तरह जश्न और रूहानी माहौल से सराबोर था। बुज़ुर्गों ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का पर्व हमें पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद ﷺ की शिक्षाओं पर चलने की प्रेरणा देता है, जिनका पैग़ाम हमेशा अमन, इंसाफ और भाईचारे का रहा है।

इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दिनेश कुमार गौतम ने कहा – “ईद मिलादुन्नबी हमें यह सिखाती है कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं। हमें मिलजुलकर समाज की भलाई और विकास के लिए काम करना चाहिए। जब तक हम एक-दूसरे की खुशियों और ग़मों में शामिल नहीं होंगे, तब तक गाँव और समाज तरक्की नहीं कर सकते।” उन्होंने आगे कहा कि धर्म हमें जोड़ने का काम करता है और हमें नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत का संदेश देता है।

गाँव के लोगों ने दिनेश कुमार गौतम का स्वागत किया और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की। युवाओं ने उनसे गाँव और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की और भविष्य में सहयोग की अपेक्षा जताई। ग्राम सभा बसारा के निवासियों ने उन्हें अपने बीच देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मौकों पर सबका साथ आना आपसी मेलजोल को मज़बूत करता है।

धार्मिक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय मौलवियों और सामाजिक नेताओं ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोहम्मद ﷺ की ज़िंदगी हमें यह सिखाती है कि अमन और भाईचारा सबसे बड़ी इबादत है। अगर समाज में सभी लोग एक-दूसरे की मदद करें और इन्साफ की राह पर चलें, तो किसी भी गाँव और देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

महिलाओं और बच्चों ने भी इस पर्व में उत्साह से भाग लिया। घर-घर पर पकवान बनाए गए और लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की मुबारकबाद दी। पूरा गाँव सौहार्द और भाईचारे की मिसाल बनकर नज़र आया।

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दुआ की गई, जिसमें गाँव, क्षेत्र और पूरे देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे पैग़म्बर-ए-इस्लाम की बताई राह पर चलकर इंसानियत और मोहब्बत का पैग़ाम आगे बढ़ाएँगे।

ग्राम सभा बसारा में ईद मिलादुन्नबी का यह जश्न इस बात का प्रतीक रहा कि धर्म के पर्व केवल इबादत का ही नहीं बल्कि समाज को जोड़ने और एक-दूसरे के दिलों में मोहब्बत जगाने का भी माध्यम हैं।