खड़ेहरा गांव में विशेष टीकाकरण अभियान, वर्षों से इंकार कर रहे परिवारों ने लगवाया टीका
बाराबंकी। जनपद के सूरजगंज ब्लॉक अंतर्गत उपकेंद्र खड़ेहरा गांव में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ की संयुक्त टीम ने विशेष टीकाकरण अभियान चलाया। इस अभियान में उन सात परिवारों का टीकाकरण किया गया, जो अब तक विभिन्न कारणों से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण से इंकार कर रहे थे। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की लगातार समझाइश और प्रयासों के बाद आखिरकार सभी परिवारों ने टीकाकरण के महत्व को स्वीकार किया और सहयोग किया।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ये अभियान न केवल बच्चों को बीमारियों से बचाने में कारगर है, बल्कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ा रहा है। यूनिसेफ की टीम का कहना है कि कई बार ग्रामीण भ्रांतियों और अफवाहों के कारण टीकाकरण से पीछे हट जाते हैं, लेकिन लगातार संवाद और भरोसा जीतने से ऐसे परिवार आगे आते हैं।
अधिकारियों के विशेष प्रयास से मिली सफलता
इस अभियान को सफल बनाने में खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी की विशेष भूमिका रही। उन्होंने स्वयं टीम का नेतृत्व किया और ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उन्हें टीकाकरण के महत्व के बारे में समझाया। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। यह गंभीर बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
स्वास्थ्यकर्मी और यूनिसेफ टीम का योगदान
इस अभियान में एडीओ राजेंद्र कुमार, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर प्रतिभा और बीपीएमसी यूनिसेफ की अंजना सिंह शामिल रहीं। इन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को समझाने का काम किया और टीकाकरण केंद्र तक परिवारों को लेकर आईं। बीपीएम मनोज श्रीवास्तव, सीपीएम अभिषेक मौर्य और आईओ दिनेश ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
स्थानीय सहयोग से बढ़ा उत्साह
ग्रामीणों को विश्वास दिलाने में स्थानीय लोगों का सहयोग भी अहम रहा। स्कूल शिक्षकों और ग्राम विकास अधिकारी ने गांव में बैठकों का आयोजन कर टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि पहले वे अफवाहों के कारण डरते थे, लेकिन अब उन्हें समझ में आया कि यह बच्चों और महिलाओं के लिए जीवन रक्षक है।
अभियान बना मिसाल
अभियान के सफल होने पर स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ की टीम ने संतोष जताया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। जिन परिवारों ने टीकाकरण से इंकार किया था, अब उनके बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित भविष्य की राह मिल गई है।
ग्रामीणों ने भी अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि टीकाकरण से जुड़े डर अब खत्म हो गए हैं। अब वे आगे भी स्वास्थ्य विभाग के अभियानों में सहयोग करेंगे।