PHM NEWS

त्रिलोकपुर चौराहे पर बैक होती कार फँसी, लोगों की मदद और ट्रैक्टर से निकाला गया

प्रकाशित: 27 Aug 2025

त्रिलोकपुर चौराहे पर रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कार बैक करते समय अचानक पीछे की ओर फँस गई। चालक ने जैसे ही गाड़ी को रोकने की कोशिश की, कार का पिछला हिस्सा असमतल ज़मीन पर चला गया और गाड़ी अटककर वहीं फँस गई। कुछ देर तक चालक ने खुद ही कार निकालने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते गए और वाहन पूरी तरह जाम हो गया।

घटना के समय चौराहे पर राहगीरों की भीड़ मौजूद थी। लोगों ने तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाया। किसी ने चालक को शांत रहने की सलाह दी, तो कुछ युवकों ने मिलकर कार को धक्का लगाने की कोशिश की। कई बार प्रयास करने के बावजूद गाड़ी एक इंच भी नहीं हिली। धीरे-धीरे मौके पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और जाम की स्थिति बनने लगी।

स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत उपाय ढूँढना शुरू किया। कुछ ही देर बाद आसपास से ट्रैक्टर बुलाया गया। ट्रैक्टर आने के बाद लोगों ने मिलकर रस्सी बाँधी और पूरी सावधानी के साथ कार को खींचने की तैयारी की गई। उपस्थित लोगों में से कुछ ने सड़क पर खड़े होकर ट्रैफिक रोकने का काम किया, ताकि खींचाई के दौरान कोई हादसा न हो।

करीब बीस मिनट की मशक्कत के बाद आखिरकार ट्रैक्टर ने धीरे-धीरे कार को पीछे से खींचा और वाहन सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस घटना में न तो चालक को कोई चोट आई और न ही कार को बड़ा नुकसान पहुँचा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक बैक करते समय सही दिशा का अंदाज़ा नहीं लगा पाया और वाहन अचानक पीछे बने गड्ढेनुमा हिस्से में चला गया। इस दौरान यदि तुरंत मदद नहीं मिलती तो गाड़ी और नीचे जा सकती थी और गंभीर दुर्घटना भी हो सकती थी।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुश्किल हालात में सामूहिक सहयोग कितना कारगर साबित होता है। यदि लोग तुरंत मदद के लिए आगे नहीं आते, तो स्थिति और खराब हो सकती थी। स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ से न केवल वाहन सुरक्षित निकाला गया बल्कि संभावित दुर्घटना भी टल गई।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि चौराहे के आसपास कई जगहों पर सड़क की हालत खराब है और ऐसे में छोटे वाहन अक्सर फँस जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

त्रिलोकपुर चौराहे की यह घटना भले ही एक सामान्य हादसा लगे, लेकिन यह इस बात की मिसाल है कि समाज की एकजुटता किसी भी बड़ी समस्या को हल कर सकती है। जिस तरह लोगों ने मिलकर चालक की मदद की और ट्रैक्टर से कार को बाहर निकाला, वह मानवीय संवेदनाओं और सहयोग की सजीव तस्वीर है।