मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार का बड़ा मामला जिले से सामने आया है
मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार का बड़ा मामला जिले से सामने आया है। जानसठ के एसडीएम जयेंद्र सिंह ने 750 बीघा सरकारी जमीन डेरावाल कोऑपरेटिव सोसाइटी के नाम कर दी। यह जमीन नेशनल हाईवे पर स्थित है जिसकी कीमत अरबों रुपये आंकी जा रही है। आरोप है कि एसडीएम ने यह जमीन मात्र ₹3 करोड़ की रिश्वत लेकर ट्रांसफर की।
मामले का खुलासा होते ही प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, एसडीएम ने कार्रवाई के डर से बाद में अपना आदेश वापस लेने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
खास बात यह है कि इस पूरे प्रकरण में जयेंद्र सिंह ने मीडिया को चुप कराने की भी कोशिश की। उन्होंने कई मीडिया संस्थानों को नोटिस भेजकर कार्रवाई का डर दिखाया। लेकिन पत्रकार पीछे नहीं हटे और लगातार दबाव बनाए रखा। अंततः सच्चाई सामने आ गई।
जमीन घोटाले की जानकारी लखनऊ तक पहुंचने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और एसडीएम जयेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। अब उन पर भ्रष्टाचार और राजस्व घोटाले से जुड़े गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जमीन सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आरक्षित थी। ऐसे में रिश्वत लेकर अरबों की जमीन को सोसाइटी के नाम कर देना न केवल जनता से धोखा है, बल्कि सरकारी संपत्ति की सीधी लूट है।
जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मामला बड़े स्तर पर जांच का विषय बनेगा और कई अन्य अफसरों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर करोड़ों की रिश्वत लेकर अरबों की सरकारी जमीन हड़पने वाले एसडीएम के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई होगी और क्या सरकार इस घोटाले को पूरी तरह उजागर करेगी।