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सोशल मीडिया पर दोस्ती, निवेश का लालच और 3.09 करोड़ की ठगी : साइबर क्राइम थाना की बड़ी कार्रवाई, दो शातिर गिरफ्तार, एक फरार

मुजफ्फरनगर | 09-Dec-2025 12:28 AM | 11 |
मुजफ्फरनगर
साइबर क्राइम थाना की बड़ी कार्रवाई, दो शातिर गिरफ्तार, एक फरार

मुझफ्फरनगर, 07 दिसंबर 2025 – सोशल मीडिया की दोस्ती को हथियार बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले साइबर गिरोह पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी साइबर क्राइम थाना पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपियों पर पीड़ित से निवेश पर अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर 3 करोड़ 09 लाख 22 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

यह कार्रवाई एडीजी मेरठ जोन, डीआईजी सहारनपुर, एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ के निर्देशन में, थाना प्रभारी साइबर क्राइम सुल्तान सिंह के नेतृत्व में की गई।

📌 कैसे हुआ पूरा फ्राड?

दिनांक 09 अक्टूबर 2025 को पीड़ित सचिन कुमार निवासी नई मंडी ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि फेसबुक पर एक अज्ञात व्यक्ति से दोस्ती हुई, जिसने उन्हें रुपये निवेश करने और मुनाफा देने का लालच दिया।

लालच का फायदा उठाते हुए आरोपी ने धीरे-धीरे 3.09 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।

तहरीर के आधार पर थाना साइबर क्राइम में धारा 318(4) BNS व 66D IT एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।

📌 पुलिस की कार्रवाई – दो आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और दस्तावेज बरामद

पुलिस ने 07 दिसंबर 2025 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों से

  • 03 मोबाइल फोन

  • फर्जी आधार कार्ड
    बरामद किए गए हैं।

तीसरा आरोपी उपेन्द्र चंदेल अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

📌 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

  1. मोहम्मद माज, निवासी लखनऊ

  2. अम्बरीश मिश्रा, निवासी जौनपुर

फरार आरोपी:

  • उपेन्द्र चंदेल, निवासी कानपुर

📌 आरोपियों का अपराध इतिहास

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रह चुके हैं।
लखनऊ, दिल्ली और कानपुर में इनके खिलाफ फ्राड, ठगी, धोखाधड़ी, ब्लैकमेल जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं।

📌 पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि

  • इनके गैंग ने फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन कराई

  • खातों में आने वाली रकम पर 28% से 30% कमीशन तय था

  • पैसों की हेराफेरी USDT क्रिप्टो के माध्यम से भी की जाती थी

  • पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और नामों का इस्तेमाल किया जाता था

पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ—
गैंग ने DISHA MANAV KALYAN AVAM UTTHAN SAMITI नाम की संस्था का खाता ठगी के लिए इस्तेमाल किया।

📌 कितना पैसा फ्रीज हुआ और कितनी शिकायतें?

अब तक पुलिस द्वारा
➡️ 50 लाख रुपये फ्रीज कर पीड़ित को वापस दिलाने की कार्यवाही जारी

इस केस से जुड़े खातों में
➡️ 1.27 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन हुई
➡️ तमिलनाडु, दिल्ली और महाराष्ट्र से 2.01 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें दर्ज

इस पूरे नेटवर्क में 29 बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।

📌 पुलिस टीम का सराहनीय योगदान

इस कार्रवाई में शामिल टीम:

  1. प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह

  2. निरीक्षक प्रदीप कुमार

  3. उपनिरीक्षक गौरव चौहान

  4. उपनिरीक्षक धर्मराज यादव

  5. हेड कांस्टेबल बालकिशन

  6. हेड कांस्टेबल आकाश चौधरी

  7. कांस्टेबल राहुल कुमार

पुलिस टीम साइबर अपराध से जुड़े अन्य नेटवर्क को भी खंगाल रही है।

📌 क्या कहती है पुलिस?

पुलिस का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क कर निवेश का लालच देते थे, और फिर रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर क्रिप्टो और कैश में बदल देते थे
फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल भी उनके कार्य का हिस्सा था।

अपील

  • सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति की बातों में आकर निवेश न करें

  • कोई भी वित्तीय जानकारी या OTP साझा न करें

  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पुलिस को सूचित करें

साइबर अपराध से बचना आपकी जिम्मेदारी भी है। जागरूक रहें, सतर्क रहें।

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