रुदावल। बांध बारैठा रेस्ट हाउस में बांध बारैठा जल वितरण व उपयोग समिति की बैठक गुरुवार को रूपवास एसडीएम विष्णु बंसल की अध्यक्षता एवं परियोजना अध्यक्ष नाहरसिंह के मुख्य आतिथ्य में हुई। जिसमें बांध से रब...
रुदावल। बांध बारैठा रेस्ट हाउस में बांध बारैठा जल वितरण व उपयोग समिति की बैठक गुरुवार को रूपवास एसडीएम विष्णु बंसल की अध्यक्षता एवं परियोजना अध्यक्ष नाहरसिंह के मुख्य आतिथ्य में हुई। जिसमें बांध से रबी फसल की सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने को लेकर किसानों के साथ चर्चा हुई। जिसमें किसानों ने इस समय रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत होना बताया। जिस पर 15 नवम्बर को सुबह 8 बजे से तीनों नहरों में पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया।
जलसंसाधन विभाग के एसई बनयसिंह ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बांध में 1650 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। तीनों नहरों में सिंचाई के लिए 720 एमसीएफटी पानी दिया जाएगा, जबकि रेन सीजन तक भरतपुर पेयजल के लिए 474 एमसीएफटी पानी रिर्जव रखा जाएगा। तथा 70 एमसीएफटी वाष्पीकरण में खर्च हो जाता है। रबी फसल की सिंचाई के लिए तीन शिफ्टों में मार्च माह तक नहरें चलाई जाएगी। जिसमें रुदावल व बयाना तहसील के 28 गांवों के किसानों की 4243 हेक्टेयर सिंचित होगी। बांध बारैठा सिंचाई परियोजना अध्यक्ष नाहरसिंह ने किसानों की तरफ से मांग रखते हुए बताया कि लोगों ने कैनाल व माइनरों का अस्तित्व खत्म कर दिया है। इन पर रास्ते बना लिए गए है, इसलिए सभी नहरों का सीमांज्ञान करवाया जाए।
उन्होंने बताया कि इस बांध से भरतपुर पेयजल के लिए पानी दिया जा रहा है, जबकि भरतपुर में चम्बल का पानी मिल रहा है, इसलिए बांध का पानी सिर्फ सिंचाई के लिए दिया जाए और आगामी वर्षो में 15 अक्टूबर तक नहरें खोली जाए। किसानों ने बताया कि पूरी नहरें पक्की नहीं हो सकी है, इसलिए नहरों को पक्की करवाई जाए। उन्होंने पानी की दुरूपयोग रोकने के लिए नहरों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर माॅनिटरिंग करवाने की मांग रखी। किसानों ने नहरी क्षेत्र में आने वाली पुलियाओं का निर्माण करवाने की मांग रखते हुए बताया कि नहरों का पक्की करने का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
जिस पर एसडीएम ने जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों से नहरों की पूरी तरह से सफाई करवाने व पानी छोडने के बाद नहरों की माॅनिटरिंग करवाने व अन्य समस्याओं का समाधान करवाने के निर्देश दिए। वही एक्सईएन शालिनी सिंह ने किसानों से पानी का दुरूपयोग नहीं करने व नहरों को नहीं तोडने की अपील की। इस मौके पर एक्सईएन शालिनी सिंह व एईएन दशरथ सिंह, जेईएन रूपचंद, बृजराजसिंह, दिनेश दत्तात्रेय आदि मौजूद थे।