राजस्थान में पहली बार किसी विधायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बांसवाड़ा जिले की बागीदौरा सीट से भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) न...
राजस्थान में पहली बार किसी विधायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बांसवाड़ा जिले की बागीदौरा सीट से भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा। बताया जा रहा है कि यह राजस्थान में किसी विधायक के खिलाफ रिश्वतखोरी में की गई पहली कार्रवाई है।
ACB की जांच में सामने आया है कि पटेल ने राज्य विधानसभा में खनन विभाग से जुड़े तीन सवालों को वापस लेने के बदले 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। बाद में यह सौदा 2.5 करोड़ रुपये में तय हुआ। यह सौदा जयपुर के ज्योति नगर स्थित उनके सरकारी आवास पर हुआ, जहां ACB ने कार्रवाई करते हुए छापा मारा।
छापे के दौरान विधायक के एक करीबी को 20 लाख रुपये की पहली किस्त लेते पकड़ा गया, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। मामले की गंभीरता इस बात से भी झलकती है कि जिन सवालों के बदले रिश्वत ली जा रही थी, वे अब तक विधानसभा में प्रस्तुत भी नहीं हुए थे — केवल प्रश्न सूची में शामिल थे। इनमें दो सवाल तारांकित (मौखिक उत्तर वाले) और एक अतारांकित था।
जयकृष्ण पटेल ने 2024 में हुए उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी सुभाष तंबोलिया को हराकर BAP के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उनकी गिरफ्तारी पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार रोत ने कहा, “अगर विधायक ने गलती की है, तो पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर करेगी।”