फरीदाबाद/हैदराबाद। देश की खुफिया एजेंसियों ने आतंक के एक बड़े जाल को ध्वस्त कर दिया है। दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद में हमले की साजिश रच रहे डॉक्टरों के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो इस्लामिक स्टेट-खोर...
फरीदाबाद/हैदराबाद। देश की खुफिया एजेंसियों ने आतंक के एक बड़े जाल को ध्वस्त कर दिया है। दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद में हमले की साजिश रच रहे डॉक्टरों के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत (ISKP) से जुड़ा था। पुलिस ने अब तक तीन डॉक्टरों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर, असॉल्ट राइफलें, गोला-बारूद और राइसिन जहर बनाने का सामान बरामद किया है।
फरीदाबाद में अमोनियम नाइट्रेट बरामद
रविवार रात जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी कर करीब 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, 20 टाइमर, दो असॉल्ट राइफलें और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के डॉक्टर राठेर की गिरफ्तारी के बाद मिली खुफिया जानकारी पर की गई। राठेर पहले अनंतनाग के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था और उस पर पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए प्रचार सामग्री चिपकाने का आरोप था।
फरीदाबाद के अल-फलाह अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मुजम्मिल शकील और उसके साथी डॉक्टर आदिल अहमद को हिरासत में लिया गया है। इनके ठिकानों से विस्फोटक बनाने की सामग्री, डेटोनेटर और दो असॉल्ट राइफलें मिली हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक दिल्ली तक कैसे पहुंचा।
राइसिन जहर की साजिश
वहीं, हैदराबाद में गुजरात एटीएस ने डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया है, जो खुद को चीन से मेडिकल डिग्री प्राप्त बताता था। उसके पास से तीन पिस्तौल, 30 गोलियां और चार लीटर अरंडी का तेल बरामद हुआ — जो राइसिन, एक अत्यंत घातक रासायनिक विष बनाने में प्रयुक्त होता है।
जांच में सामने आया कि सैयद का संपर्क अफगानिस्तान स्थित आईएसकेपी हैंडलर अबू खादीजा से था। सैयद टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से संपर्क में था और दिल्ली, लखनऊ तथा अहमदाबाद के संवेदनशील स्थानों पर हमलों की तैयारी कर रहा था।
उसके दो साथियों — आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम — को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने तीनों शहरों में संभावित हमले के स्थानों की रेकी की थी। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार मंगवाए थे।
सतर्क हुई सुरक्षा एजेंसियां
दोनों मामलों ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि डॉक्टरों के इस नेटवर्क को कौन वित्तीय सहायता दे रहा था और इसके तार देश के किन-किन हिस्सों से जुड़े हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर समय रहते कार्रवाई न होती तो देश को एक भयानक आतंकी हमले का सामना करना पड़ सकता था। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ मान रही हैं।