रिपोर्ट: रविंद्र आर्यगाज़ियाबाद / मुरादनगर।जनपद गाज़ियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र के ग्राम जलालाबाद में हुई दर्जनों गोवंशों की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। यह घटना न केवल धार्मिक भ...
रिपोर्ट: रविंद्र आर्य
गाज़ियाबाद / मुरादनगर।
जनपद गाज़ियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र के ग्राम जलालाबाद में हुई दर्जनों गोवंशों की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं का हनन थी, बल्कि मानवीय संवेदना पर भी गंभीर प्रहार था।
घटना के बाद गो प्रतिष्ठा आंदोलन, गऊ रक्षा दल और हिंद रक्षक दल सहित अनेक हिन्दू संगठनों ने सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया और गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए तथा गौ–संरक्षण हेतु विशेष निगरानी दल का गठन किया जाए।
ज्ञापन के बाद बढ़ते जनदबाव को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हुआ और पुलिस ने आरोपी गिरोह की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में थाना मुरादनगर पुलिस टीम ने शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर गंगनहर तिराहा और मनेखा खेड़ के ट्यूबवेल क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, जिसके दौरान गौकशी करने आए गिरोह से मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ में एक अभियुक्त घायल, दो अन्य साथी गिरफ्तार
पुलिस टीम द्वारा वाहन चेकिंग और सर्च ऑपरेशन के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी हनीफ पुत्र सम्पत निवासी करलियां, थाना भोजपुर (गाज़ियाबाद) के पैर में गोली लग गई।
उसके साथियों के नाम रोशन, रमजान, अब्दुल और मेहर आलम बताए गए हैं। कांबिंग के दौरान पुलिस ने दो अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उन्होंने दो दिन पूर्व मिलकपुर–जलालाबाद गाँव में गौवंशों को पकड़ा, उनकी हत्या की और मांस को रिजवान व मेहर आलम के ज़रिए दिल्ली के मुन्ना ढिक्का को बेच दिया।
पुलिस ने मौके से एक जीवित गोवंश, 01 अवैध तमंचा, 01 खोखा कारतूस, 01 जिंदा कारतूस, 04 रस्सियाँ, लोहे की दाँव, 03 छुरियाँ, और लकड़ी का गुटका बरामद किया। घायल अभियुक्त का इलाज सीएचसी में कराया गया है।
बाईट: सुश्री लिपि नगायच, सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी
उन्होंने बताया कि “मुठभेड़ में एक गौकश घायल हुआ है तथा उसके दो साथी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।”
गऊ भक्तों का आक्रोश और प्रशासन पर दबाव
गौ–हत्या की घटना के बाद गो प्रतिष्ठा आंदोलन के संयोजक महेश आहूजा, डॉ. सीताराम रमन, गऊ सेवक पवन तोमर, तथा हिंद रक्षक दल के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो पूरा हिन्दू समाज सड़कों पर उतर आता।
संगठनों ने कहा कि प्रशासन ने “जनभावना और धर्मरक्षा के दबाव में ही सही, लेकिन न्यायोचित कार्रवाई की शुरुआत की है।”
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से — महंत श्री मछंदर पुरी महाराज,गौ–सांसद अरविंद भारद्वाज,गौ–विधायक नरेश ढींगरा,आर.सी. शर्मा,महेश यादव,हरिओम पांडेय,सुखविंदर सिंह,पंडित सौरभ कृष्ण शास्त्री,सुमित शर्मा,गुलशन राजपूत,अनुभव पंडित,विकाशराठौर,हैप्पी त्यागी,अशोक राणा,
प्रिंस शर्मा व अन्य प्रमुख गौ–भक्त सम्मिलित थे।
संघर्ष का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं और संत–समाज ने संकल्प लिया —
“अब गौ–हत्या किसी भी रूप में स्वीकार नहीं की जाएगी, चाहे इसके लिए संघर्ष ही क्यों न करना पड़े।”
साथ ही गौ–माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की माँग दोहराई गई।
सभा के अंत में गूंज उठा नारा —
“गौ माता राष्ट्रमाता — राष्ट्रमाता गौ माता!”
लेखक: रविंद्र आर्य
(भारतीय लोक–संस्कृति, धर्म एवं सामाजिक चेतना पर केंद्रित लेखक)