दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शाम...
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में पटाखों का विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय (ऑनलाइन बिक्री सहित) और उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा-15 के तहत दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। यदि उल्लंघन लगातार जारी रहता है तो पहले दोष सिद्ध होने के बाद हर दिन के लिए पांच हजार रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
यह कदम वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने और दिवाली व अन्य अवसरों पर प्रदूषण के स्तर को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें।
शिकायत दर्ज कराने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। कोई भी व्यक्ति यदि अपने आसपास पटाखों का निर्माण, संग्रहण या उपयोग देखता है, तो वह यूपी-112 पर सीधे 112 नंबर डायल कर, व्हाट्सएप (7570000100), एसएमएस (7233000100), फेसबुक (@112UttarPradesh) या ट्विटर (@112UttarPradesh) के माध्यम से शिकायत कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, “उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड” की वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर जाकर “Public Grievances related to Fire Crackers (NCR-U.P.)” विकल्प पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पटाखों के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल तरीकों से त्योहारों का आनंद लें और स्वच्छ हवा बनाए रखने में योगदान दें।