गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश — शहर में ऑटो चालकों की बढ़ती समस्याओं और उनके रोज़मर्रा के संघर्षों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीसीपी ट्रैफ़िक गाज़ियाबाद से मिला। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का नेतृत्व संघ के प्रमुख पदाधिकारी जितेंद्र कसाना, दिगंबर चौधरी और बिजेंद्र कुमार ने किया।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ऑटो चालकों से जुड़े कई गंभीर मुद्दे डीसीपी ट्रैफ़िक के सामने रखे। इनमें अत्यधिक और बार-बार चालान काटे जाने, कुछ क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न, शहर में निर्धारित ऑटो स्टैंड की कमी, बढ़ते ईंधन दाम, और यात्रियों के लिए उचित पिक-अप एवं ड्रॉप पॉइंट न होने जैसी प्रमुख समस्याएँ शामिल थीं।
संघ ने कहा कि गाज़ियाबाद में ऑटो चालक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें अक्सर अनावश्यक चालानों, अस्पष्ट नियमों और अचानक की जाने वाली चेकिंग के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई चालक रोज़मर्रा का खर्च तक निकालने में मुश्किल का सामना करते हैं।
BMS प्रतिनिधियों ने मांग की कि
ट्रैफ़िक नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ,
चालान प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए,
सभी मुख्य स्थानों पर निर्धारित ऑटो स्टैंड बनाए जाएँ,
तथा अधिकारियों को यह निर्देश दिए जाएँ कि वे चालकों के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार करें।
इस पर डीसीपी ट्रैफ़िक ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि:
बार-बार चालान वाले ज़ोन की समीक्षा की जाएगी।
आवश्यक स्थानों पर नए ऑटो स्टैंड बनाने पर मीटिंग की जाएगी।
अनावश्यक उत्पीड़न रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जाएँगे।
ऑटो चालकों के लिए स्पष्ट नियम पुस्तिका जारी की जाएगी।
प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही अगली बैठक आयोजित होगी।
डीसीपी ने कहा कि ट्रैफ़िक पुलिस का उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन इसके साथ ऑटो चालकों की सम्मानपूर्वक सुनवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ द्वारा उठाई गई समस्याओं को सही बताया और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक के बाद BMS पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें समाधान की उम्मीद है और वे आगे भी इस मुद्दे की निगरानी करते रहेंगे।
इस मुलाकात से गाज़ियाबाद के ऑटो चालकों में राहत और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है