ग़ाज़ियाबाद के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक लाल कुआँ में रोजाना लगने वाला भारी जाम अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। रविवार शाम को स्थिति तब और ज्यादा गंभीर हो गई, जब सड़कों पर दो से तीन किलो...
ग़ाज़ियाबाद के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक लाल कुआँ में रोजाना लगने वाला भारी जाम अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। रविवार शाम को स्थिति तब और ज्यादा गंभीर हो गई, जब सड़कों पर दो से तीन किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें दिखाई दीं। बसों, कारों और ऑटो की लगातार आवाजाही ने सड़क को जाम कर दिया, जिसके चलते आम जनता घंटों तक फंसी रही।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क संकरी होने के साथ-साथ अवैध पार्किंग, असंगठित ठेले, और ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति इस समस्या को और भयानक बना देती हैं। लोग रोज़मर्रा के कामों, दफ्तर और स्कूल-कॉलेज पहुंचने में समय से देरी महसूस कर रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि रविवार शाम जाम के बीच कई एंबुलेंस भी फंसी दिखीं, जिससे मरीजों की जान पर जोखिम मंडराता नज़र आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि जाम खुलने में घंटों लग गए, लेकिन प्रशासन का कोई ठोस एक्शन नजर नहीं आया।
दुकानदारों और यात्रियों की शिकायत है कि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन ने कोई स्थायी योजना नहीं बनाई है। अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि सड़क चौड़ीकरण, अवैध पार्किंग पर रोक, और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जैसी आवश्यक कार्रवाई जल्द की जाए, ताकि जाम की समस्या से राहत मिल सके।