गाजियाबाद की ट्रैफिक और पुलिस व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। एलिवेटेड रोड पर एक भारी-भरकम ट्रक को रॉन्ग साइड दौड़ते हुए देखा गया, जिसने ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए वसुंधरा से ल...
गाजियाबाद की ट्रैफिक और पुलिस व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। एलिवेटेड रोड पर एक भारी-भरकम ट्रक को रॉन्ग साइड दौड़ते हुए देखा गया, जिसने ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए वसुंधरा से लेकर राजनगर एक्सटेंशन तक का सफर बेधड़क पूरा किया।
यह कोई पहली बार नहीं है जब गाजियाबाद की सड़कों पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग का नजारा देखने को मिला हो। लेकिन सवाल यह है कि इतने लंबे रास्ते पर ट्रक आराम से कैसे दौड़ता रहा और ट्रैफिक पुलिस की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी?
एलिवेटेड रोड, जिसे तेज़ और सुरक्षित यात्रा के लिए बनाया गया था, अब खुद खतरे की वजह बनता जा रहा है। आमतौर पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग सड़क हादसों का बड़ा कारण बनती है। कई बार ऐसी लापरवाही मासूम जिंदगियों को लील लेती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन इस रूट पर इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं लेकिन प्रशासन सिर्फ आंखें मूंदे रहता है। सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक चेकिंग और सख्त चालान के दावे केवल कागज़ों तक सीमित नजर आते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इस घटना पर कोई कार्रवाई करेगी या फिर यह मामला भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दब जाएगा?
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और प्रशासन की लापरवाही का यह सिलसिला अगर यूं ही चलता रहा, तो आने वाले समय में गाजियाबाद की सड़कें और भी खतरनाक बन जाएंगी।
अब समय आ गया है कि गाजियाबाद पुलिस अपनी नींद से जागे और इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करे।