रिपोर्ट: समाचार पत्र गाज़ियाबाद।एनसीआर में सोशल मीडिया के ज़रिए हथियारों की बिक्री का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर ‘पठान साहब’ नाम से सक्रिय गिरोह देशी और विदेशी पिस्टलों की फोटो, वीडि...
रिपोर्ट: समाचार पत्र गाज़ियाबाद।
एनसीआर में सोशल मीडिया के ज़रिए हथियारों की बिक्री का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर ‘पठान साहब’ नाम से सक्रिय गिरोह देशी और विदेशी पिस्टलों की फोटो, वीडियो और चैट के ज़रिए खरीद-फरोख्त करता था। गिरोह इंस्टाग्राम पर पिस्टल, तमंचे और कारतूस की फोटो-वीडियो भेजकर उनकी गुणवत्ता बताता था। सोशल मीडिया पर ही संदेशों के माध्यम से सौदेबाजी होती थी और फिर डिलीवरी का ठिकाना तय किया जाता था।
हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह में शामिल अधिकांश सदस्य 15 से 18 वर्ष की आयु के किशोर हैं। ये किशोर कैला भट्टा और नंदग्राम क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
गिरोह देशी पिस्टल को 10 से 15 हज़ार रुपये और विदेशी पिस्टल को 20 से 25 हज़ार रुपये में बेचता था। हर बिक्री पर 2,000 रुपये का कमीशन तय था।
गिरोह के सदस्यों ने पिस्टल बेचने के लिए ग्राहकों से एडवांस में हज़ार रुपये तक वसूलने की भी कोशिश की। इंस्टाग्राम चैट पर ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए पिस्टलों के साथ वीडियो पैकिंग डेमो भेजा जाता था ताकि विदेशी और देशी असलहों में फर्क दिखाया जा सके।
एक समाजसेवी ने इन गतिविधियों की शिकायत व्हाट्सऐप और ईमेल के ज़रिए पुलिस आयुक्त से की, जिसके बाद मामला तेजी से जांच में आया। शिकायतकर्ता ने आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को भेजे हैं।
एसीपी नंदग्राम उपसना पांडे ने बताया—
“मामले संज्ञान में आए हैं। टीम को जांच में लगाया गया है। बिजनौर, कैला भट्टा और नंदग्राम क्षेत्र के कुछ किशोरों और युवकों के नाम सामने आए हैं। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।”
पुलिस का दावा: ऑनलाइन पिस्टल बेचने का मास्टरमाइंड है ट्रक चालक उत्तराखंड लोकेशन से चला रहा था गिरोह, मोबाइल डेटा रिकवर में जुटी पुलिस
जिले में चल रहे इस ऑनलाइन पिस्टल गिरोह का मास्टरमाइंड अब एक ट्रक चालक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इसी ट्रक चालक ने युवाओं को कमीशन का लालच देकर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनवाने और हथियार बेचने के लिए उकसाया था।
तीन संदिग्धों से पुलिस ने की पूछताछ
पुलिस ने गिरोह से जुड़े तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इनके पास से ‘पठान साहब’ नाम से बनाई गई इंस्टाग्राम आईडी वाला मोबाइल भी बरामद किया गया है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि जिस मोबाइल से कई आईडी बनाई गईं, उसे नष्ट कर दिया गया था, लेकिन अब उसका डेटा रिकवर कराया जा रहा है।
डेटा रिकवरी से यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में कितने सदस्य शामिल हैं, पिस्टलों की खरीद किन माध्यमों से हो रही थी और अब तक कितनों को सप्लाई की गई है। पुलिस को गिरोह का लोकेशन उत्तराखंड से मिला है, और ट्रक चालक की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
डीसीपी जायसवाल ने बताया—
“ट्रक चालक ने युवाओं को सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर पिस्टल बेचने और गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए थे। उन्हें कमीशन का लालच भी दिया गया, लेकिन यह जानकारी नहीं थी कि असलहे देश में किन रास्तों से आ रहे हैं।”
* इंस्टाग्राम पर ‘पठान साहब’ नाम से चल रहा था हथियार बिक्री नेटवर्क
* 15–18 वर्ष के किशोर कर रहे थे ऑनलाइन सौदेबाजी
* विदेशी पिस्टल की कीमत ₹25,000 तक, देशी पिस्टल ₹10–15 हजार में
* ट्रक चालक निकला मास्टरमाइंड, उत्तराखंड से संचालित हो रहा नेटवर्क
* मोबाइल डेटा रिकवर कर रही पुलिस, गिरोह के कई सदस्य जल्द गिरफ्त में