गाजियाबाद के प्रताप विहार H-ब्लॉक में मंगलवार को एक अवैध निर्माण की लेंटर अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बिल्डिंग खाली थी, वरना एक बड़ा जानलेवा हादसा...
गाजियाबाद के प्रताप विहार H-ब्लॉक में मंगलवार को एक अवैध निर्माण की लेंटर अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बिल्डिंग खाली थी, वरना एक बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह इमारत बारिश के दौरान हुए जलभराव के कारण कमजोर हो चुकी थी। बिल्डिंग की नींव पहले से ही कमजोर थी और लगातार हो रही बारिश से पानी दीवारों और लेंटर में रिसता रहा। अंततः मंगलवार दोपहर को लेंटर अचानक गिर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ये अवैध निर्माण बिना किसी परमिशन के किया जा रहा था और GDA (गाजियाबाद विकास प्राधिकरण) को इसकी कई बार शिकायत दी जा चुकी थी। बावजूद इसके, कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासी लगातार गाजियाबाद के विजय नगर क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों और दुकानों की भी शिकायत कर चुके हैं, पर GDA की निष्क्रियता इन सब घटनाओं को न्योता दे रही है।
लोगों का कहना है कि अगर आज बिल्डिंग खाली न होती, तो कई जानें जा सकती थीं। सवाल उठता है कि कल अगर कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय नागरिकों में GDA की लापरवाही को लेकर आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे सभी अवैध निर्माणों की तुरंत जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रभावित निवासी रोहित वर्मा ने बताया, "हमने कई बार लिखित में शिकायत दी कि यह निर्माण अवैध है और कभी भी गिर सकता है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब अगर कोई जान जाती तो कौन जिम्मेदार होता?"
अब सवाल उठता है कि क्या गाजियाबाद विकास प्राधिकरण तब तक जागेगा जब जानें जाएंगी? प्रशासन से लोगों की अपील है कि इस बार सिर्फ फाइलें नहीं, एक्शन हो।