गाज़ियाबाद। शनिवार शाम धनतेरस के अवसर पर गाज़ियाबाद की सड़कों पर वाहनों का सैलाब उमड़ पड़ा। दीपावली से पहले खरीदारी के जोश में लोग बाजारों की ओर निकले, लेकिन मेरठ रोड पर इतनी भीड़ हो गई कि यातायात पूर...
गाज़ियाबाद। शनिवार शाम धनतेरस के अवसर पर गाज़ियाबाद की सड़कों पर वाहनों का सैलाब उमड़ पड़ा। दीपावली से पहले खरीदारी के जोश में लोग बाजारों की ओर निकले, लेकिन मेरठ रोड पर इतनी भीड़ हो गई कि यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया। जगह-जगह जाम के हालात बने रहे और वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए।
मेरठ रोड से होकर गुजरने वाले मुख्य मार्गों — मोहन नगर, राजनगर एक्सटेंशन और नंदग्राम क्षेत्र — में ट्रैफिक इतना बढ़ गया कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को कई घंटों तक परेशान होना पड़ा। शाम 6 बजे शुरू हुआ जाम देर रात तक जारी रहा। गाड़ियों की लंबी कतारों में फंसे लोग सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते नजर आए।
धनतेरस के मौके पर लोग बाजारों में सोना, चांदी, बर्तन, गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने पहुंचे। लेकिन बिना ट्रैफिक प्रबंधन के इस भीड़ ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई जगह ई-रिक्शा, ऑटो और कारें एक-दूसरे में फंस गईं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पैदल चलने वालों के लिए भी सड़क पार करना मुश्किल हो गया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर नजर नहीं आई। न तो बैरिकेडिंग की गई थी, न ही वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था। एक वाहन चालक ने कहा — “हर साल ऐसा ही होता है, लेकिन इस बार हालात और भी खराब थे। हमें 15 मिनट का रास्ता तय करने में डेढ़ घंटे लग गए।”
जाम के चलते कई एम्बुलेंस और स्कूली बसें भी फंस गईं। हालात इतने खराब थे कि कुछ लोगों को अपने वाहन किनारे लगाकर पैदल ही घर की ओर जाना पड़ा। प्रशासन की नाकामी पर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि त्योहारों के दौरान पहले से तैयारी की जानी चाहिए थी।
देर रात पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद कहीं जाकर ट्रैफिक थोड़ा सामान्य हुआ। हालांकि, तब तक हजारों लोग घंटों की देरी झेल चुके थे। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गाज़ियाबाद में त्योहारों के दौरान यातायात प्रबंधन में सुधार की सख्त जरूरत है।