गोरखपुर न्यूज़
Home / Local / Uttar Pradesh / गोरखपुर
🚨 Breaking News | गोरखपुर

शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में गर्भस्थ शिशु के हृदय रोग का सफल उपचार : 18 माह की निगरानी और उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हुआ शिशु

गोरखपुर | 15-May-2026 06:53 PM | 47 |
गोरखपुर
18 माह की निगरानी और उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हुआ शिशु


गोरखपुर। बाबा गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रही है। शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में आयोजित एडवांस पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कैंप के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु के हृदय रोग का सफल उपचार किया गया। जन्म के बाद लगातार विशेषज्ञ निगरानी और आधुनिक जांचों की मदद से आज बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है। यह उपलब्धि न केवल एक परिवार के लिए राहत की खबर है, बल्कि पूर्वांचल में बाल हृदय रोग चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार पीपीगंज निवासी गर्भवती महिला प्रियंका सिंह की नियमित जांच के दौरान गर्भस्थ शिशु के हृदय की मुख्य धमनी एओर्टिक आर्च में गंभीर समस्या का पता चला था। इस जानकारी के बाद परिवार काफी चिंतित हो गया। ऐसे कठिन समय में शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह ने परिवार को नई उम्मीद दी।
मामले की पूरी निगरानी प्रसिद्ध पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज अवस्थी ने की। डॉ. अवस्थी स्कॉट फोर्टिस इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी डायरेक्टर हैं और वर्ष 2017 से प्रत्येक माह शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि नियमित जांच, समयबद्ध निगरानी और सही उपचार से बच्चे को सुरक्षित रखा जा सकता है।
जन्म के बाद बच्चे की प्रत्येक छह माह पर इकोकार्डियोग्राफी के माध्यम से जांच की गई। वर्तमान में बच्चा लगभग 18 माह का हो चुका है। हाल ही में हुई जांच में उसकी हृदय संबंधी समस्या लगभग पूरी तरह समाप्त पाई गई। डॉक्टरों के अनुसार समय रहते बीमारी की पहचान और लगातार मॉनिटरिंग इस सफलता का सबसे बड़ा कारण रही।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ. नीरज अवस्थी के मार्गदर्शन में अब तक लगभग 650 बच्चों के हृदय का निःशुल्क ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराया जा चुका है। सभी बच्चे सामान्य और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। यह सेवा विशेष रूप से उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो बड़े शहरों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं।
अस्पताल में अब लेजर तकनीक, रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी और उन्नत कार्डियक सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से ब्रेन स्ट्रोक, फेफड़ों और किडनी की जटिल बीमारियों, अत्यधिक ब्लीडिंग और जटिल कैंसर के उपचार की सुविधा भी मरीजों को मिल रही है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गर्भस्थ शिशु के हृदय रोग की समय पर पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी और आधुनिक तकनीक के उपयोग से असंभव दिखने वाली स्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

अन्य खबरें

KIRORI MAL KA HATA, SUMER SAGAR, GORAKHPUR
Copyright © 2024 - 2025 PHM News. All Rights Reserved.