प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक पुलिस–प्रशासन उन्हें सम्मानपूर्वक स्नान के लिए नहीं ले जाता, तब तक वे गंगा ...
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक पुलिस–प्रशासन उन्हें सम्मानपूर्वक स्नान के लिए नहीं ले जाता, तब तक वे गंगा स्नान नहीं करेंगे।
जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य जी कल से अन्न–जल त्यागकर अपने शिविर में बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा उनके रथ को आगे बढ़ने से रोके जाने से उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा। इसी कारण वे बिना गंगा स्नान किए वापस लौट आए थे।
रथ रोके जाने की घटना के दौरान मौके पर मौजूद शिष्य आक्रोशित हो गए थे, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संत समाज का सम्मान सर्वोपरि है और प्रशासन को इस विषय में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
मामले को लेकर शंकराचार्य जी ने आज दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने की घोषणा की है, जिसमें वे पूरे घटनाक्रम और अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से रखने वाले हैं। माघ मेले में इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है।