रायबरेली में RSS का व्यापक घर–संपर्क अभियान, खंड कार्यवाहक नीरज के नेतृत्व में जारी 20 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा महीने-भर का कार्यक्रमरायबरेली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खंड कार्यवाहक नीरज के...
रायबरेली में RSS का व्यापक घर–संपर्क अभियान, खंड कार्यवाहक नीरज के नेतृत्व में जारी 20 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा महीने-भर का कार्यक्रम
रायबरेली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खंड कार्यवाहक नीरज के नेतृत्व में रायबरेली शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में एक व्यापक घर–संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 20 नवंबर से शुरू हुआ है और 20 दिसंबर तक चलने वाला है। संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद स्थापित करना, संगठन के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति लोगों में अधिक समझ विकसित करना बताया जा रहा है।
अभियान के तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवारों से प्रत्यक्ष रूप से मिल रहे हैं और उन्हें भारत माता का चित्र भेंट कर रहे हैं। संघ के स्थानीय पदाधिकारियों के अनुसार, यह चित्र केवल एक स्मृति चिह्न ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। कार्यकर्ता प्रत्येक घर में लगभग दस से पंद्रह मिनट का समय बिताकर परिवार के सदस्यों से संवाद स्थापित करते हैं, उनके सुझाव सुनते हैं और समाजसेवा एवं विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर उनकी राय लेते हैं।
जनसंपर्क और संगठन विस्तार पर जोर
RSS के खंड कार्यवाहक नीरज ने बताया कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँच बनाना है, ताकि संगठन की गतिविधियों, शाखाओं, सेवा कार्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बारे में लोगों को प्रत्यक्ष जानकारी मिल सके। उनका कहना है कि सेवाकार्य, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर लोगों के साथ गहन बातचीत की जा रही है।
नीरज ने कहा कि संघ वर्षभर विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्य—जैसे बस्तियों में शिक्षा सहायता, रक्तदान शिविर, पर्यावरण अभियान और सेवा गतिविधियाँ—चलाता है, जिनमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। घर-संपर्क अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्थानीय स्तर पर उत्साह
अभियान शुरू होने के बाद से शहर के कई क्षेत्रों—जैसे सिविल लाइन, लालगंज रोड, सलोन क्षेत्र, मिल एरिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों—में कार्यकर्ताओं ने संपर्क कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की है। कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों ने भी अभियान का स्वागत किया और संघ की सेवाकार्य संबंधी पहल के बारे में अधिक जानने में रुचि दिखाई।
कई परिवारों ने बताया कि कार्यकर्ताओं के आने से उन्हें संगठन की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी मिली, जो सामान्यतः लोगों को सीधे नहीं मिल पाती। कुछ युवाओं ने भी शाखा और सेवा कार्यक्रमों में रुचि दिखाते हुए अपने प्रश्न रखे।
महिला और युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी
अभियान के दौरान महिला स्वयंसेविकाओं और युवा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई दे रही है। महिला कार्यकर्ता विशेष रूप से परिवार की महिलाओं से संवाद कर रही हैं, और शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर चर्चा कर रही हैं। वहीं युवा कार्यकर्ता आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान से जुड़ी जानकारियाँ साझा कर रहे हैं।
अभियान के आगे की रूपरेखा
यह घर-संपर्क अभियान 20 दिसंबर तक लगातार चलाया जाना है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में टीमें भेजी जा रही हैं, ताकि अभियान अधिक से अधिक घरों तक पहुँच सके। महीने-भर के इस कार्यक्रम के समापन के बाद संघ इस दौरान प्राप्त प्रतिक्रियाओं और सुझावों का संकलन कर आगे की गतिविधियों की योजना तैयार करेगा।
संपूर्ण जिले में अपेक्षित प्रभाव
स्थानीय सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे जनसंपर्क अभियान, चाहे किसी भी संगठन द्वारा चलाए जाएँ, समाज और संगठन के बीच संवाद को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रायबरेली जैसे जनसंख्या-बहुल जिले में यह अभियान लोगों में सहभागिता और जागरूकता को बढ़ाएगा।
20 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलने वाले इस महीने-भर के अभियान को संघ अपने वार्षिक जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा मान रहा है, और इसकी सफलता के लिए व्यापक स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ तय की गई हैं।