जयपुर/सीकर/फतेहपुर. राजस्थान में गौसंरक्षण, गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण, अनुदान प्रक्रिया के सरलीकरण, गौचर भूमि आवंटन तथा निराश्रित नंदियों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर राजस्थान गौसेवा समिति क...
जयपुर/सीकर/फतेहपुर. राजस्थान में गौसंरक्षण, गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण, अनुदान प्रक्रिया के सरलीकरण, गौचर भूमि आवंटन तथा निराश्रित नंदियों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर राजस्थान गौसेवा समिति के प्रतिनिधि मण्डल ने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं गोपालन राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक मुलाक़ात की। इस दौरान गौशालाओं से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर चर्चा करते हुए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए।
समिति के संरक्षक परम पूज्य महंत दिनेशगिरि जी महाराज एवं प्रदेश अध्यक्ष परम पूज्य श्री गोविंद राम जी महाराज शास्त्री के नेतृत्व में जयपुर में आयोजित बैठक में संगठनात्मक मजबूती के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। बैठक में गौशालाओं को समय पर अनुदान नहीं मिलना, गोचर एवं सरकारी भूमि का आवंटन, निराश्रित नंदियों के लिए 12 माह का अनुदान तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर गहन मंथन हुआ। इन सभी विषयों को समाहित करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन तैयार किया गया।
इसके पश्चात सचिवालय, जयपुर में गोपालन राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की अध्यक्षता में हुई बैठक में गोपालन विभाग के सचिव डॉ. सवित शर्मा, निदेशक पंकज ओझा, लेखा अधिकारी शालिनी शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मण्डल द्वारा रखे गए प्रत्येक बिंदु पर गंभीर चर्चा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को त्वरित संशोधित निर्देश जारी करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई मुलाक़ात में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, समाज की भागीदारी बढ़ाने तथा निराश्रित नंदियों को संरक्षण देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने नंदी को पूजनीय बताते हुए संत-महात्माओं का भगवा दुपट्टा व दक्षिणा भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश सुरक्षा और गौमाता सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील व परिणामकारी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।