सीकर. मकर संक्रांति के पर्व को सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आमजन से धातु मिश्रित चाईनीज मांझे का प्रयोग नहीं करने की अपील की गई है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) ...
सीकर. मकर संक्रांति के पर्व को सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आमजन से धातु मिश्रित चाईनीज मांझे का प्रयोग नहीं करने की अपील की गई है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) भावना शर्मा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपने स्टाफ कार्मिकों को पतंग वितरण करते हुए यह संदेश दिया कि मकर संक्रांति के दौरान जानलेवा चाईनीज मांझा न केवल अवैध है, बल्कि यह मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।
इस अवसर पर वितरित की गई पतंगों पर “जानलेवा मांझा बंद करें”, “पानी बचाएं”, “प्लास्टिक मुक्त भारत”, “सेव ट्री सेव अर्थ” जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े संदेश अंकित थे, ताकि आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जागृत हो सके। भावना शर्मा ने कहा कि चाईनीज मांझे के कारण हर वर्ष कई पक्षियों की दर्दनाक मौत हो जाती है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों एवं राहगीरों के लिए यह जान का जोखिम बन जाता है। कई बार गले और हाथ कटने जैसी गंभीर दुर्घटनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित एवं पारंपरिक सूती मांझे का ही उपयोग करने के लिए प्रेरित करें और चाईनीज मांझे की खरीद-फरोख्त की सूचना प्रशासन को दें। जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक राकेश लाटा, प्रवीण जांगिड़, सत्यनारायण शर्मा, सुरज्ञान कुमावत, राहुल कछावा, रतनसिंह सहित कलेक्ट्रेट स्टाफ के कई कार्मिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सुरक्षित, स्वच्छ और जिम्मेदार मकर संक्रांति मनाने का संकल्प लिया।