सीकर. जिले में सड़क विकास को गति देने और आमजन को बेहतर, सुरक्षित व सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सड़क विकास नीति को लेकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई...
सीकर. जिले में सड़क विकास को गति देने और आमजन को बेहतर, सुरक्षित व सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सड़क विकास नीति को लेकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) भावना शर्मा ने की। बैठक में आगामी तीन से चार वर्षों में जिले की सड़कों के सुनियोजित विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए। इन सुझावों के आधार पर जिले के महत्वपूर्ण सड़क मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण पर विशेष चर्चा हुई, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में रींगस से खाटू (18 किमी), मण्डा से खाटू (10 किमी), श्रीमाधोपुर–खण्डेला मोड़ से खण्डेला (24 किमी), नीमकाथाना–झीर की चौकी से चला (20 किमी) तथा सीकर से पिपराली तक सड़क को चार लेन में विकसित करने के प्रस्ताव रखे गए। साथ ही कांवट से खण्डेला मोड़ एवं खण्डेला से गुरारा तक सड़क के नवीनीकरण तथा सीकर शहर के पिपराली चौराहे पर चार लेन आरओबी निर्माण पर भी चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त कटराथल से हरदयालपुरा, दादिया से तारपुरा, तारपुरा से गुंगारा (एसएच-37बी), हर्ष मोड़ से जीणमाता, खाटू से अलोदा-डूकिया सड़क के नवीनीकरण व चौड़ीकरण सहित भराला मोड़ से टोडा गणेश्वर, नीमकाथाना–गणेश्वर चिपलाटा, कासली से चन्दपुरा वाया रामपुरा तथा पेवा से बोसाना–सरवड़ी–बिन्जासी सड़क निर्माण प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
बैठक में जिले की अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार पर भी सहमति बनी। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़, पूर्व विधायक रतन लाल जलधारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।