सीकर. राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, सीकर में पर्यटन, सतत् विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य के दृष्टिकोण विषयों पर आधारित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्...
सीकर. राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, सीकर में पर्यटन, सतत् विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य के दृष्टिकोण विषयों पर आधारित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य एवं सम्मेलन की संरक्षक प्रो. डॉ. सुनीता पाण्डेय ने किया। उन्होंने संगोष्ठी के उद्देश्यों, शैक्षणिक महत्ता और भविष्य की चुनौतियों को समझने में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सम्मेलन की संयोजक डॉ. कमल कंवर राठौड़ ने संगोष्ठी की थीम और विषय-वस्तु से प्रतिभागियों को अवगत करवाया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कन्हैया लाल बेरवाल (सेवानिवृत्त आईपीएस एवं चांसलर, सागर विश्वविद्यालय), मुख्य वक्ता राजेन्द्र कुमार जोशी और विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक रतन लाल जलधारी, डॉ. ग्यारसी लाल जाट, डॉ. अशोक महला, नवीन अग्रवाल, सीए राजेन्द्र अग्रवाल एवं सीए सिद्धार्थ मोर उपस्थित रहे।
प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा के प्रो. डॉ. आर.पी. मीणा ने की तथा मुख्य वक्ता एसपीसी कॉलेज अजमेर के डॉ. अनूप अत्रेय रहे। इस सत्र में ऑस्ट्रेलिया से गोवर्धन सिंह राठौड़ एवं ओमान से डॉ. सीमा वार्सेन्य ने ऑनलाइन जुड़कर अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य साझा किया।
द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता जेजेटीयू झुंझुनू की कुलपति प्रो. मधु गुप्ता ने तथा सह-अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. डॉ. एन.के. शर्मा ने की। मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. सुनीता शर्मा (राजकीय महाविद्यालय कोटा) ने सतत् विकास और एआई की बढ़ती आवश्यकता पर महत्वपूर्ण विचार रखे। विशिष्ट वक्ताओं में डॉ. अमित चतुर्वेदी (एक्सआईटीई जमशेदपुर) और डॉ. चन्द्रकांत सिंह शामिल रहे।
संगोष्ठी के दौरान ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शोधपत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ दी गईं। सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों को सम्मानित किया गया।
अंत में आयोजन सचिव डॉ. बीरबल जाट ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार जताया। महाविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।