सीकर. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला परिषद सभागार सीकर में जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक...
सीकर. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला परिषद सभागार सीकर में जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक्टर द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उपनिदेशक महिला अधिकारिता सीकर राजेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का लाइव प्रसारण उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक देखा। इसके बाद जिला स्तरीय कार्यक्रम के तहत “Proud to Have A Daughter” अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्लास्टिक मुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से जूट बैग का विमोचन जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी ने अपने संबोधन में महिलाओं और बालिकाओं के संरक्षण व सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और समाज से बेटियों को समान अवसर देने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल ने कहा कि समाज में बेटा-बेटी के भेदभाव को समाप्त कर दोनों को समान अवसर देना जरूरी है, तभी समाज का समग्र विकास संभव है।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत सीकर जिले का लगातार दूसरी बार राज्य स्तर पर चयन होने पर महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार चौधरी को बधाई दी और विभागीय प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को “पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना पुरस्कार” तथा “यशोदा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। वहीं व्यक्तिगत श्रेणी में डॉ. अभिलाषा रणवा और डॉ. प्रिया मील को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतनलाल स्वामी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीकर शहर) भावना शर्मा, एडिशनल एसपी अजीतपाल सिंह डूडी, महिला थाना एसएचओ मुनेश मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम साथिन, पर्यवेक्षक और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।