सीकर. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला अधिकारिता विभाग, सीकर द्वारा जिला स्तरीय ‘महिला उद्यमिता विकास के ल...
सीकर. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला अधिकारिता विभाग, सीकर द्वारा जिला स्तरीय ‘महिला उद्यमिता विकास के लिए जागरूकता कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने तथा अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधि हरदुल सिंह भास्कर ने महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को उद्योग विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
अग्रणी बैंक प्रतिनिधि हरवंश सिंह तथा राजस्थान ग्रामीण बैंक की प्रतिनिधि शकुन राठौड़ ने बैंकिंग क्षेत्र में उपलब्ध ऋण योजनाओं, महिला उद्यमियों के लिए वित्तीय सहायता तथा स्वरोजगार से जुड़ी बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकिंग संस्थाएं महिलाओं को व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रही हैं।
कार्यक्रम में राजीविका की डीपीएम अर्चना मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण और लघु उद्यमों के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। सहायक निदेशक लोक सेवाएं इंदिरा शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए महिलाओं को योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आई महिलाओं, ग्रामसाथिनों एवं विभागीय प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।