सीकर. पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के आदेश एवं निर्देशन में सीकर शहर में बालश्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग द्वारा चलाए जा रहे पैन इंडिया अभियान के तहत मा...
सीकर. पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के आदेश एवं निर्देशन में सीकर शहर में बालश्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग द्वारा चलाए जा रहे पैन इंडिया अभियान के तहत मानव तस्करी विरोधी यूनिट द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व पुलिस निरीक्षक सुनीता बॉयल ने किया। अभियान का उद्देश्य बालश्रम की रोकथाम एवं नाबालिगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
कार्रवाई के दौरान रोडवेज बस डिपो के सामने स्थित श्री कृष्णा फूड रेस्टोरेंट एवं फास्ट फूड पर दबिश दी गई, जहां से 13 वर्षीय नाबालिग बालक को बालश्रम से मुक्त कराया गया। जांच में सामने आया कि बालक से प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक काम करवाया जा रहा था, जो बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है।
रेस्क्यू के पश्चात नाबालिग का तत्काल मेडिकल परीक्षण करवाया गया। मेडिकल जांच के बाद बालक को बाल कल्याण समिति के सदस्य बिहारी लाल बालान के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार बालक को कस्तूरबा सेवा संस्थान में अस्थाई आश्रय प्रदान किया गया, जहां उसकी सुरक्षा, भोजन एवं देखरेख की समुचित व्यवस्था की गई है।
इस संयुक्त अभियान में मानव तस्करी विरोधी यूनिट से पुलिस निरीक्षक सुनीता बॉयल, पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार, कौशल्या सहित जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस एवं गायत्री सेवा संस्थान के जिला समन्वयक नरेश कुमार सैनी, अभिषेक बगड़िया एवं जितेंद्र नाथवतपुरा सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बालश्रम किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।