सीकर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में रविवार को ‘मनोदर्पण प्रकोष्ठ’ के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) और पीडीयूएस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वा...
सीकर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में रविवार को ‘मनोदर्पण प्रकोष्ठ’ के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) और पीडीयूएस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्कूली विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय विमर्श कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य की समझ विकसित करना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस सुझाव तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आनंद राव वी. पाटिल, अतिरिक्त सचिव स्कूल शिक्षा (पीएमपीवाई एवं डिजिटल शिक्षा), शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार रहे। उन्होंने कहा कि स्कूली विद्यार्थी तनावमुक्त रह सकें, इसके लिए शिक्षा मंत्रालय निरंतर प्रयास कर रहा है। ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसी पहल इसी दिशा में एक अभिनव कदम है, जिससे विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास मिलता है।
समापन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने की। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा प्रणाली में अंकों और परीक्षा परिणामों पर अत्यधिक जोर है, जबकि समय की आवश्यकता स्वस्थ मानसिकता वाले विद्यार्थियों की है। मानसिक रूप से स्वस्थ विद्यार्थी ही अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालयों और विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले केंद्र बनना चाहिए।
दो दिवसीय विमर्श के दूसरे दिन प्रतिभागियों को तीन समूहों में विभाजित कर विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। इनमें विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य की वैचारिक समझ, सहायता तंत्र, भारतीय ज्ञान परंपरा, सरकारी नीतियां, प्रौद्योगिकी, मीडिया एवं डिजिटल सहायता प्रणाली के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत मंथन हुआ। मंच संचालन एनसीईआरटी, नई दिल्ली के डॉ. सौरभ कुमार ने किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डी.पी. सिंह ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।