फतेहपुर/सीकर. शेखावाटी अंचल में इन दिनों पैंथर (लेपर्ड) की सक्रियता से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते एक सप्ताह से सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों के विभिन्न इलाकों में पैंथर के देखे ...
फतेहपुर/सीकर. शेखावाटी अंचल में इन दिनों पैंथर (लेपर्ड) की सक्रियता से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते एक सप्ताह से सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों के विभिन्न इलाकों में पैंथर के देखे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके चलते खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार लगभग दस दिन पहले फतेहपुर के ग्रामीण क्षेत्र के गांव बिकमसरा के आसपास पैंथर का मूवमेंट देखा गया था। करीब 24 घंटे तक इस क्षेत्र में घूमने के बाद पैंथर चूरू की दिशा में चला गया। इसके बाद दो दिन पूर्व एक बार फिर पैंथर के वापस इसी क्षेत्र में आने की सूचना मिली। पिछले दो-तीन दिनों से फतेहपुर कस्बे के जेठवा का बास, चुवास और आसपास के बीहड़ क्षेत्रों में पैंथर की मौजूदगी और उसके पदचिह्न स्पष्ट रूप से देखे गए हैं।
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी नरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रात्रि के समय फतेहपुर बीहड़ क्षेत्र के आसपास पैंथर का मूवमेंट दर्ज किया गया। वहीं सुबह जेठवा का बास गांव से एक किसान ने सूचना दी कि उसके बछड़े का किसी अज्ञात जानवर ने शिकार कर लिया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जांच के दौरान शिकार स्थल के आसपास मिले पदचिह्नों से यह पुष्टि हुई कि बछड़े का शिकार पैंथर द्वारा ही किया गया है।
घटना के बाद से वन विभाग सतर्क हो गया है। संभावित क्षेत्र में पिंजरे लगाए गए हैं और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, रात में अकेले बाहर न निकलें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।