फतेहपुर/सीकर. समाज में सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए फतेहपुर शेखावाटी की गोवत्सव महिला सत्संग मंडली ने एक बार फिर गौसेवा के प्रति अपनी निष्ठा को साबित किया है। मंडली की महिलाओं ने वर्ष 2025 में...
फतेहपुर/सीकर. समाज में सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए फतेहपुर शेखावाटी की गोवत्सव महिला सत्संग मंडली ने एक बार फिर गौसेवा के प्रति अपनी निष्ठा को साबित किया है। मंडली की महिलाओं ने वर्ष 2025 में सत्संग और भजन-कीर्तन के माध्यम से एकत्र की गई 7 लाख 51 हजार रुपये की राशि कस्बे की ऐतिहासिक श्री बुद्धगिरी मढ़ी में संचालित कामधेनु गौशाला एवं वहीं बीमार गोवंश के उपचार हेतु संचालित धनवंतरी गो चिकित्सालय को भेंट की।
आमतौर पर लोग सत्संग, भजन या कीर्तन से होने वाली आय को अपने निजी उपयोग में लाते हैं, लेकिन गोवत्सव महिला सत्संग मंडली की यह विशेषता है कि वे वर्षों से मांगलिक कार्यक्रमों, शादी-विवाह और अन्य धार्मिक आयोजनों में सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर जो भी राशि प्राप्त करती हैं, उसे अपने घर ले जाने के बजाय पूरी तरह से बीमार गौमाता की सेवा में समर्पित कर देती हैं।
मंडली की महिलाओं ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि गौमाता के प्रति सेवा भाव को समाज में मजबूत करना है। इसी भावना के साथ वे हर वर्ष सत्संग से प्राप्त समस्त राशि गौशाला को दान करती आ रही हैं, जिससे गायों के भोजन, दवाइयों और इलाज की बेहतर व्यवस्था हो सके।
बुद्धगिरी मढ़ी के महंत श्री दिनेश गिरी जी महाराज ने महिला सत्संग मंडली की सराहना करते हुए कहा कि यह मंडली पिछले कई वर्षों से लगातार लाखों रुपये की राशि गौशाला को समर्पित कर रही है। उन्होंने इसे मातृशक्ति की प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि अन्य महिलाओं और समाज के लोगों को भी इनसे सीख लेनी चाहिए कि किस प्रकार संगठित होकर गौमाता की सेवा की जा सकती है।
महिला सत्संग मंडली का यह कार्य न केवल गौसेवा का उदाहरण है, बल्कि समाज में सेवा, त्याग और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।