सीकर. चिकित्सा विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जिले की चयनित चिकित्सा संस्थाओं पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से स्कूलों, आंग...
सीकर. चिकित्सा विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जिले की चयनित चिकित्सा संस्थाओं पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं मदरसों में चिन्हित जन्मजात विकृतियों एवं विभिन्न बीमारियों से ग्रसित बच्चों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में कार्यरत आरबीएसके टीमों द्वारा नियमित रूप से बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है। स्क्रीनिंग में चयनित बच्चों के उपचार के लिए चिन्हित चिकित्सा संस्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाते हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श, जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एसडीएच नेछवा एवं पीएचसी मावण्डा खुर्द में आयोजित शिविरों में कुल 249 बच्चों का उपचार किया गया। इनमें से 8 बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर किया गया, ताकि उन्हें बेहतर एवं विशेष उपचार मिल सके।
एसडीएच नेछवा में आयोजित शिविर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसन्ता, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ईरम शेख तथा दंत रोग चिकित्सक डॉ. सुमन चौधरी ने सेवाएं दीं। वहीं पीएचसी मावण्डा खुर्द में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक दायमा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा जांगिड़, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कानाराम, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. लीलाराम एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित गर्ग ने बच्चों का उपचार किया।
चिकित्सा विभाग द्वारा ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उनके स्वस्थ भविष्य की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।