फतेहपुर/सीकर. एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) का मोदीसन राजकीय महाविद्यालय फतेहपुर इकाई का सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत जनवादी आंदोलनों में शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि ...
फतेहपुर/सीकर. एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) का मोदीसन राजकीय महाविद्यालय फतेहपुर इकाई का सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत जनवादी आंदोलनों में शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उद्घाटन भाषण नौजवान सभा के तहसील अध्यक्ष रामप्रताप पुनियां ने दिया, जिन्होंने एसएफआई के संघर्षपूर्ण इतिहास और छात्र हितों के लिए किए गए आंदोलनों पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में रामगढ़ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुमेर बुडानिया ने एसएफआई के ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार संगठन ने शिक्षा के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया है। मुख्य वक्ता एसएफआई जिला सचिव राकेश मुवाल ने संगठन की कार्यविधि और रीति-नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आम विद्यार्थियों की शिक्षा और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को संगठित करना अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन को तहसील अध्यक्ष आदिल, सचिव बीजू चाचिवाद तथा पूर्व इकाई अध्यक्ष अफराज आसास ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने छात्र समस्याओं, फीस वृद्धि, संसाधनों की कमी और शैक्षणिक गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से 25 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें 9 सदस्यीय सचिव मंडल का भी चुनाव हुआ। रंजना खीचड़ को सचिव तथा गुलाम अली को अध्यक्ष चुना गया। शाहिद अली, शिव पारीक और रेहान को उपाध्यक्ष, भावना, जया व सानिया को सह सचिव तथा फैसल को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
अंत में नवनिर्वाचित अध्यक्ष गुलाम अली ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए छात्र हित में संगठित संघर्ष का संकल्प दोहराया और सम्मेलन के समापन की घोषणा की।