सीकर. जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में पुलिस थाना सदर क्षेत्र के ग्राम जगमालपुरा में एक नाबालिग बच्ची का विवाह ऐन मौके पर रुकवा दिया गया। बाल संरक्षण इकाई की ...
सीकर. जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में पुलिस थाना सदर क्षेत्र के ग्राम जगमालपुरा में एक नाबालिग बच्ची का विवाह ऐन मौके पर रुकवा दिया गया। बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी डॉ. गार्गी शर्मा ने बताया कि बाल अधिकारिता विभाग सीकर, गायत्री सेवा संस्थान एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बारात के स्वागत की तैयारियों के बीच पुलिस और प्रशासनिक टीम अचानक मौके पर पहुंच गई। परिवार बारात का इंतजार कर रहा था और विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं, लेकिन टीम ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कार्यक्रम रुकवा दिया।
जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि दुल्हन की उम्र 18 वर्ष से कम है। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बच्ची की उम्र 15 वर्ष पाई गई। उम्र कम होने की पुष्टि होते ही विवाह को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
डॉ. गार्गी शर्मा ने परिजनों को समझाइश देते हुए बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत लड़की की न्यूनतम विवाह योग्य आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना दंडनीय अपराध है।
पुलिस ने परिवार को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और नाबालिग को शिक्षा जारी रखने की सलाह दी। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।