सीकर. शहर में मां शीतला की आराधना का पर्व हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। बुधवार को श्री कल्याण धाम से एक दिव्य एवं ऐतिहासिक शाही शीतल भोग यात्रा निकाली गई, जिसने ...
सीकर. शहर में मां शीतला की आराधना का पर्व हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। बुधवार को श्री कल्याण धाम से एक दिव्य एवं ऐतिहासिक शाही शीतल भोग यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
प्रातः श्री कल्याण धाम से प्रारंभ हुई यह भव्य यात्रा शाही लवाजमे, बैंड-बाजों और भजन-कीर्तन के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा में शामिल श्रद्धालु मां शीतला के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। यह यात्रा अंत में शीतला चौक स्थित मां शीतला के दरबार में पहुंची, जहां पुजारियों ने विधि-विधान से मां को पवित्र शीतल भोग अर्पित किया।
यह दिव्य आयोजन धर्मगुरु सनातन रत्न महंत विष्णु प्रसाद शर्मा (कल्याण धाम, सीकर) के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। श्री कल्याण जी मंदिर के व्यवस्थापक रवि प्रसाद शर्मा ने बताया कि यह यात्रा वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का निर्वहन है, जिसमें हर वर्ग के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इनमें विद्या प्रकाश शर्मा, पूर्व अतिरिक्त जिला कलेक्टर ईश्वर सिंह राठौड़, सीकर व्यापार संघ के अध्यक्ष दयाल सिंह शेखावत, फूलचंद सैनी, राम सिंह पिपराली, अशोक कलावटिया, श्याम सुंदर सराफ, राजवीर सिंह शेखावत, नरेश सैन, मदनलाल मोरदिया, मनीष शर्मा, अक्षय सनातनी, मोहित सिंह सांखला, विक्रम सिंह, राजीव शर्मा और विक्रम सैनी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल हुए।
यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और घोषों की गूंज से पूरा वातावरण मां शीतला के जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने मां शीतला का आशीर्वाद प्राप्त कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। यह भव्य शाही यात्रा सीकर की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई।