महराजगंज में यूरिया खाद की कालाबाजारी को लेकर संयुक्त कृषि निदेशक ने की - जांच
महाराजगंज-जिले में यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद राज्य स्तरीय जांच दल ने कार्रवाई की है। संयुक्त कृषि निदेशक गुणवत्ता नियंत्रण लखनऊ के योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने जांच किया।
टीम ने 19 से 23 अगस्त तक नौतनवा और निचलौल क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में 85 से अधिक किसानों का सत्यापन किया। जांच में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां किसानों की भूमि कम होने के बावजूद दर्जनों बोरी यूरिया खरीदी गई। कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जून में 186 और जुलाई में 261 किसान ऐसे मिले, जिन्होंने एक टन यानी 22 बोरी से अधिक यूरिया खरीदी। इनमें 8-10 किसानों ने 10 से अधिक बार अलग-अलग तारीखों में खरीद की। जांच में यह भी पता चला कि कुछ महिलाओं को 50 रुपये का लालच देकर ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाया गया। वास्तव में खाद किसी और ने खरीदी। इससे साफ है कि कालाबाजारी करने वालों ने किसानों की आड़ में यूरिया की जमाखोरी की और नेपाल में तस्करी की। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर सोनौली थाना पुलिस ने हरदी डाली गांव के तीन आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना अध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है।