महराजगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दा...
महराजगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस दौरान टीम ने 17 किलो 590 ग्राम हाईड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 17 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। मामले में दिल्ली निवासी वाहिद हुसैन को गिरफ्तार किया गया है। यह प्रतिबंधित खेप हवाई मार्ग से थाईलैंड से काठमांडू लाई गई थी। इसके बाद सड़क मार्ग के जरिए इसे भारत में प्रवेश कराकर दिल्ली पहुंचाने की योजना थी। खुफिया एजेंसियों से मिली सटीक सूचना के आधार पर सोनौली बॉर्डर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान युवक के पास मौजूद तीन बैगों से छिपाकर रखा गया उच्च गुणवत्ता वाला हाईड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी वाहिद हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह के तार देश-विदेश तक फैले हुए हैं और इसके पीछे संगठित सिंडिकेट सक्रिय है। मादक पदार्थ को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन/बाराबंकी) को सौंप दिया गया है। एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क, इसके अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की गहन जांच में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर की गई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। भविष्य में भी सीमा पर निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि इस तरह की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, जिससे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।