महराजगंज: डीएम ने 50 शैय्या के क्रिटिकल केयर अस्पताल का किया निरीक्षण
महराजगंज, 26 अगस्त 2025।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा के तहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 50 शैय्या के क्रिटिकल केयर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
डीएम शर्मा ने निरीक्षण के दौरान ग्रीन जोन, लिफ्ट लॉबी, एग्जामिनेशन रूम, आईसीयू कक्ष और आइसोलेशन कक्ष का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को 15 दिन के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होता तो विलंब के लिए जुर्माना लगाया जाएगा।
गुणवत्ता पर खास जोरनिरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए क्योंकि यह अस्पताल गंभीर और संक्रामक रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए समर्पित होगा। उन्होंने विशेष रूप से फायर फाइटिंग सिस्टम, विद्युत कार्य और जल संयोजन (वाटर सप्लाई) में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को निर्देश दिया कि भवन निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए जिलास्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया जाए, जिससे निर्माण की हर प्रक्रिया पर निगरानी बनी रहे।
बिजली और ट्रांसफार्मर की व्यवस्थाजिलाधिकारी ने अस्पताल को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए यूपीपीसीएल के सहायक अभियंता को निर्देशित किया कि 33 केवी का ट्रांसफार्मर शीघ्र स्थापित कराया जाए। इससे अस्पताल में आईसीयू और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं को लगातार बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
लागत और महत्वयह तीन मंजिला अस्पताल 15.85 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां जिले और आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को उन्नत इलाज मिल सकेगा। विशेषकर उन मरीजों के लिए यह अस्पताल वरदान साबित होगा जो गंभीर बीमारियों या संक्रामक रोगों से ग्रसित होते हैं।
जल निकासी पर विशेष निर्देशडीएम शर्मा ने भवन की छत का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भविष्य में किसी भी प्रकार की सीलन या रिसाव की समस्या न हो, इसके लिए जल जमाव रोकने हेतु समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में मौजूद अधिकारीनिरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, डॉ. ए.वी. त्रिपाठी समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी के इस निरीक्षण और कड़े निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार और प्रशासन जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अगर तय समय में काम पूरा हो जाता है तो महराजगंज जिले को शीघ्र ही एक आधुनिक क्रिटिकल केयर अस्पताल की सौगात मिलने वाली है।