तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बिना किसी डिग्री और अनुभव के इलाज करने वाले इन नकली डॉक्टरों की वजह से आए दिन मरीजों की जान पर बन आती है। ताज़ा मामला ग्...
तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बिना किसी डिग्री और अनुभव के इलाज करने वाले इन नकली डॉक्टरों की वजह से आए दिन मरीजों की जान पर बन आती है। ताज़ा मामला ग्राम दशरथपुर का है, जहाँ एक महिला की हालत झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन से गंभीर हो गई और उसे जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, ग्राम दशरथपुर निवासी मिथलेश पत्नी अखिलेश को बीते रविवार तेज बुखार था। परिजन उन्हें इलाज के लिए फतेहपुर कस्बे के मस्तान रोड पर मौजूद एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए। वहां डॉक्टर ने बिना किसी जांच-पड़ताल के तुरंत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही मिथलेश की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश जैसी स्थिति में चली गईं।
मौके पर मौजूद परिजनों ने घबराकर शोर मचाया और तुरंत मिथलेश को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर लेकर पहुंचे। वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने महिला का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि इंजेक्शन के कारण महिला की हालत गंभीर हो गई है और बेहतर इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर कर दिया गया।
मिथलेश के परिजनों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे नकली डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि आगे किसी और की जान खतरे में न पड़े।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कई जगह झोलाछाप डॉक्टर बिना डिग्री और अनुभव के अपनी दुकान चलाते हैं। गांव और कस्बों में गरीब और अनजान लोग इनके जाल में फंसकर अपना इलाज करवाते हैं। न तो इनके पास लाइसेंस होता है और न ही उचित दवाइयाँ। इसके बावजूद ये लोग खुलेआम लोगों का इलाज कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता और लापरवाही के कारण ही झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क दिनों-दिन मजबूत हो रहा है। अगर समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो कभी भी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर, दशरथपुर निवासी महिला की बिगड़ी तबीयत ने एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों की हकीकत उजागर कर दी है। यह घटना बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नकली डॉक्टर किस तरह से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस पर संज्ञान लेता है या नहीं।