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Mhakumbh संगम से साइबर संसार तक : डिजिटल महाकुंभ 2025

ट्रेंडिंग न्यूज़ | 27-Feb-2025 06:29 PM | 10 |
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डिजिटल महाकुंभ 2025

महाकुंभ 2025 केवल धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह तकनीकी नवाचार और परंपरा के संगम का प्रतीक भी बन गया। 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित इस महाकुंभ का बजट 7,500 करोड़ रुपये था और इसने उत्तर प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 1 प्रतिशत (2 लाख करोड़ रुपये) का योगदान दिया। लेकिन इस भव्य आयोजन का सबसे अनोखा पहलू इसकी डिजिटल रूपरेखा रही। क्या यह सुविधा और नवाचार की ओर एक क्रांतिकारी कदम था या व्यवसायों और ब्रांडों के लिए लाभ कमाने का नया तरीका? यह निर्णय आपको करना है।

पर्यावरण-अनुकूल महाप्रसाद और संगम जल वितरण

महाकुंभ 2025 में पर्यावरण के प्रति जागरूकता को भी प्राथमिकता दी गई। प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी में पारंपरिक तरीकों से तैयार किया गया महाप्रसाद उच्च स्वच्छता मानकों के साथ भक्तों तक पहुँचाया गया। यह प्लास्टिक-मुक्त पैकेजिंग में उपलब्ध था, जो आयोजन के स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप था। संगम का पवित्र जल भी सीधे प्रयागराज संगम घाट से प्राप्त कर वितरित किया गया, जिससे इसकी शुद्धता और धार्मिक महत्व बना रहा।

1,100 रुपये में डिजिटल स्नान

प्रयागराज निवासी दीपक गोयल ने भक्तों तक गंगा जल पहुँचाने का एक अनूठा तरीका खोजा—'डिजिटल स्नान' सेवा। यदि कोई श्रद्धालु महाकुंभ में नहीं आ सकता, तो केवल 1,100 रुपये देकर वह अपनी तस्वीर भेज सकता था, जिसे गंगा में डुबोकर उसका वीडियो बनाया जाता था। यह सेवा इंटरनेट पर वायरल हो गई। कुछ लोग इसे डिजिटल युग में आस्था को बनाए रखने का तरीका मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल आस्था के नाम पर एक व्यावसायिक अवसर करार दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि किसी की तस्वीर को गंगा में डुबोना वास्तविक डुबकी के आध्यात्मिक अनुभव के समान नहीं हो सकता।

AI "कुंभ सहायक" – आपका वर्चुअल मार्गदर्शक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाकुंभ 2025 में पेश किया गया "कुंभ सहायक" एक AI-संचालित चैटबॉट था, जिसने तीर्थयात्रियों को वास्तविक समय में मार्गदर्शन प्रदान किया। इस चैटबॉट ने आयोजकों के लिए भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सहायता और यात्री सुविधा को सुगम बनाया।

1 लाख रुपये में VR पवित्र डुबकी – घर बैठे महाकुंभ का अनुभव

अगर आप महाकुंभ में शारीरिक रूप से शामिल नहीं हो सकते थे, तो 'वर्चुअलकुंभ' आपके लिए था। इस सेवा के माध्यम से भक्त घर बैठे VR हेडसेट और 360-डिग्री महाकुंभ वर्चुअल टूर का अनुभव ले सकते थे। इस पैकेज में 'शुद्ध' संगम जल, मध्यम आकार का फोल्डेबल टब और अन्य आवश्यक वस्तुएँ भी शामिल थीं। 'पारिवारिक विसर्जन' नामक इस सेवा की कीमत 1 लाख रुपये तक रखी गई थी।

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