नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2025प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर क...
नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले की विस्तृत समीक्षा रहा, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
सीसीएस ने इस अमानवीय कृत्य की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
विदेश सचिव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दुनिया के कई देशों की सरकारों ने इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए भारत के प्रति समर्थन और एकजुटता प्रकट की है। सीसीएस ने इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वागत किया, जिसे आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक ‘शून्य सहिष्णुता’ की भावना के रूप में देखा गया।
बैठक में यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि इस आतंकी हमले की जड़ें सीमा पार से जुड़ी हुई हैं। यह हमला जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सफल संचालन और आर्थिक प्रगति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था।
सीसीएस द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय:
सिंधु जल संधि का स्थगन:
1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित (Abeyance) कर दिया गया है। यह निर्णय तब तक प्रभावी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूर्णत: और विश्वसनीय रूप से बंद नहीं करता।
अटारी चेक पोस्ट बंद:
अटारी एकीकृत चेक पोस्ट को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है। वैध यात्रा करने वाले लोग 01 मई 2025 से पहले इसी मार्ग से वापस लौट सकते हैं।
सार्क वीजा छूट योजना समाप्त:
पाकिस्तानी नागरिक अब सार्क वीजा छूट योजना (SVES) के अंतर्गत भारत यात्रा नहीं कर सकेंगे। पहले से जारी सभी SVES वीजा रद्द माने जाएंगे और इस वीजा पर भारत में मौजूद नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को निष्कासित किया गया:
नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह में भारत छोड़ना होगा। इसी प्रकार भारत ने अपने सैन्य सलाहकारों को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से वापस बुलाने का निर्णय लिया है।
उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या में कटौती:
दोनों देशों के हाई कमीशनों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 कर दिया गया है। यह बदलाव 01 मई 2025 से प्रभावी होगा।
सीसीएस ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी रक्षा बलों को उच्च सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। समिति ने यह भी दोहराया कि हमले के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। भारत, ताहव्वुर राणा जैसे आतंकियों के प्रत्यर्पण की तरह, सभी आतंकवादियों और उनके साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।