उत्तराखंड सरकार ब्राह्मणो से टकराने का प्रयास क्यों कर रही है ? पहले तो उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक पं उमेश शर्मा को एक भाजपा के एक हारे हुए विधायक द्वारा उसके कार्यलय पर सरे-आम गोलियां चलाकर उन...
उत्तराखंड सरकार ब्राह्मणो से टकराने का प्रयास क्यों कर रही है ?
पहले तो उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक पं उमेश शर्मा को एक भाजपा के एक हारे हुए विधायक द्वारा उसके कार्यलय पर सरे-आम गोलियां चलाकर उनके लोगों के साथ मार-पीट की गई और मां को भद्दी भद्दी गालियां दी गई। लेकिन विधायक को स्थानीय प्रशासन का उपेक्षित सहयोग तक ना मिलने पर उमेश शर्मा द्वारा जब अपने समाज की मीटिंग बुलाई गई तो उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली,व उत्तराखंड से लोग पंचायत में शामिल होने गए । पहले तो स्थानीय प्रशासन ने पंचायत में जा रहे लोगों को जगह-जगह रोका। इसके अलावा गोवर्धनपुर गांव में पुलिस चौकी पर रोके गए लोगों पर एक जाति विशेष के लोगों ने पथराव किया एवं पुलिस ने भी लाठी चार्ज किया। और पंचायत तक नहीं होने दी गई। इसके अलावा पंचायत में भाग लेने जा रहे लोगों पर जगह-जगह पुलिस द्वारा लाठी चार्ज तक किया।
पुलिस इस पर संतुष्ट नहीं
विधायक उमेश शर्मा सहित बहार से पंचायत में भाग लेने जा रहे करीब 400 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमें में समाज के कई संगठनों के पदाधिकारियों तक को नामजद भी किया गया है। जिसे मैं ब्राह्मणो की ताकत को खुला चेलेंज मानता हूं । ब्राह्मण हमेशा से समाज में शांति पूर्वक रहता आया है। लेकिन जब जब इसकी ताकत को खुला चेलेंज किया गया है तो इसने संगठित होकर अपनी अस्मिता बचाने की चुनौती को भी स्वीकार किया है। मैं उत्तराखंड सरकार से अपील कर्ता हूं कि इसमें तुरंत हस्तक्षेप करें एवं घटनाक्रम की पथराव व लाठी चार्ज सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करें। अन्यथा ब्राह्मण समाज देश भर में संगठित होकर इसका विरोध करेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार की होगी।