महराजगंज। जिले के निचलौल तहसील अंतर्गत ग्राम सभा बढ़या, टोला गेठिहवा में वन्य जीव के हमले में 13 वर्षीय किशोरी सैरून निशा पुत्री आबिद अली की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया ...
महराजगंज। जिले के निचलौल तहसील अंतर्गत ग्राम सभा बढ़या, टोला गेठिहवा में वन्य जीव के हमले में 13 वर्षीय किशोरी सैरून निशा पुत्री आबिद अली की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति, आसपास के वन क्षेत्र की निकटता और वहां मौजूद सुरक्षा प्रबंधों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने पाया कि यह इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है, जिससे जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। जिलाधिकारी ने मृतका सैरून निशा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि शासन द्वारा निर्धारित सभी प्रकार की आर्थिक सहायता और मुआवजा नियमानुसार शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जाएंगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने वन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को संयुक्त रूप से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां चेतावनी संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। डीएम ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से भी बातचीत की और उनसे अपील की कि वे वन क्षेत्र के पास विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जंगली जानवर की मौजूदगी की सूचना तत्काल प्रशासन या वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सजगता से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए और प्रशासन मानवीय संवेदनाओं के साथ उनके साथ खड़ा रहे। उन्होंने यह भी कहा कि वन्य जीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाएगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों में भय और चिंता देखी जा रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से लोगों को कुछ हद तक राहत की उम्मीद जगी है।